जरुरी जानकारी | गैस बिक्री इस तिमाही अंत तक कोविड-19 पूर्व के स्तर पर आ जाने की उम्मीद: गेल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल इंडिया लि. को मौजूदा दूसरी तिमाही के अंत तक गैस मांग कोविड-19 के पूर्व स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। कंपनी सिटी गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही है और उसे इसके जरिये खपत में आई कमी की भरपाई की उम्मीद है। गेल के निदेशक (विपणन) ई एस रंगनाथन ने बृहस्पतिवार को यह कहा।

नयी दिल्ली, 20 अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल इंडिया लि. को मौजूदा दूसरी तिमाही के अंत तक गैस मांग कोविड-19 के पूर्व स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। कंपनी सिटी गैस नेटवर्क का विस्तार कर रही है और उसे इसके जरिये खपत में आई कमी की भरपाई की उम्मीद है। गेल के निदेशक (विपणन) ई एस रंगनाथन ने बृहस्पतिवार को यह कहा।

देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस विपणन और परिवहन कंपनी गेल महामारी से पहले करीब 11.3 करोड़ घन मीटर प्रतिदिन ईंधन की बिक्री कर रही थी।

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रंगनाथन ने एफआईपीआई के युवा पेशेवर मंच पर कहा, ‘‘हमारी मांग कमोबेश 95 प्रतिशत (कोविड-19 के पहले के स्तर की तुलना में) के स्तर पर आ गयी है। चालू तिमाही के अंत तक यह 100 प्रतिशत पर आ जाएगी।’’

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये 25 मार्च से शुरू ‘लॉकडाउन’ के दौरान गेल की गैस मांग आधी रह गयी थी। उद्योग ईंधन के रूप में कच्चे माल का उपयोग करते हैं लेकिन ‘लॉकडाउन’ के दौरान आर्थिक गतिविधियां ठप होने और सीएनजी चालित बसों एवं अन्य वाहनों के सड़कों से नदारद होने के कारण मांग में कमी आयी।

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उन्होंने कहा लेकिन मई और जून में आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू होने के साथ गैस मांग बढ़ने लगी। गेल फिलहाल कोविड-19 के पूर्व स्तर की तुलना में करीब 95 प्रतिशत गैस बेच रही है।

गैस मांग में सबसे लंबे समय तक कमी सिटी गैस वितरण क्षेत्र से आयी। इसके माध्यम से वाहनों को सीएनजी, घरों को खाने पकाने के लिये पाइप के जरिये रसोई गैस और शहरों में होटल एवं अन्य उद्योग को ईंधन की आपूर्ति की जाती है।

रंगनाथन ने कहा कि मौजूदा सिटी गैस नेटवर्क में जो मांग कम हुई है, उसकी भरपाई नये क्षेत्रों से होने वाली मांग के जरिये होगी। इन नये क्षेत्रों में नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है।

सिटी गैस नेटवर्क मुख्य रूप से दिल्ली, गुजरात, मुंबई और कुछ अन्य शहरों में है। अन्य क्षेत्रों में इसे शुरू करने के लिये लाइसेंस दिये गये हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले वित्त वर्ष में 475 सीएनजी स्टेशन और एक लाख घरों को जोड़ा गया था। चालू वित्त वर्ष में भी यही आंकड़ा रहने का अनुमान है...मांग में गिरावट को दूसरे क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार के जरिये भरपाई की जाएगी।’’

रंगनाथन ने यह भी कहा, ‘‘गेल को गैस की बिक्री अगली तिमाही तक कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन पूरे उद्योग के लिये गैस खपत अगले वित्त वर्ष तक ही सामान्य हो पाएगी।’’

इसी कार्यक्रम में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) के निदेशक (रिफाइनरी) विनोद एस शेनॉय ने कहा, ‘‘‘लॉकडाडन के बाद पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) की मांग में भारी गिरावट आयी।’’

उन्होंने कहा कि मांग में 70 प्रतिशत तक की कमी आयी लेकिन आर्थिक गतिविधियां शुरू होने के बाद यह 72 से 80 प्रतिशत प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गयी है।

शेनॉय ने कहा, ‘‘हम चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मांग 90 प्रतिशत पर पहुंच जाने की उम्मीद करते हैं।’’

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