देश की खबरें | गांगुली-शाह कार्यकाल का विरोध नहीं करेगा बिहार क्रिकेट संघ : वर्मा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्पॉट फिक्सिंग के याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह की विराम अवधि (कूलिंग ऑफ पीरियड) को हटाने के मसले पर जब उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिये आएगा तो उनका वकील इसका विरोध नहीं करेगा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 जुलाई इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) स्पॉट फिक्सिंग के याचिकाकर्ता आदित्य वर्मा ने मंगलवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह की विराम अवधि (कूलिंग ऑफ पीरियड) को हटाने के मसले पर जब उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिये आएगा तो उनका वकील इसका विरोध नहीं करेगा।

शीर्ष अदालत में बीसीसीआई की अपने संविधान में संशोधन करने तथा गांगुली और शाह को अनिवार्य विराम अवधि पर जाने के बजाय अपने पद पर बने रहने को लेकर दायर की गयी याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी।

यह भी पढ़े | जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा, 1 अगस्त को मनाया जाएगा बकरीद के त्योहार : 21 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के सचिव वर्मा 2013 स्पॉट फिक्सिंग मामले के मूल याचिकाकर्ता हैं। इसी के बाद उच्चतम न्यायालय ने लोढ़ा पैनल का गठन किया जिसकी सिफारिशों पर दुनिया के सबसे धनी बोर्ड के संविधान में आमूलचूल सुधार किये गये।

बीसीसीआई के नये संविधान के अनुसार राज्य संघ या बोर्ड में छह साल के कार्यकाल के बाद तीन साल की विराम अवधि पर जाना अनिवार्य है।

यह भी पढ़े | जिस राज्य में मुख्यमंत्री ही असुरक्षित हैं, वहां आम लोगों का क्या हाल होगा: पूर्व सीएम रघुवर दास.

गांगुली और शाह ने पिछले साल अक्टूबर में पदभार संभाला था और तब उनके राज्य और राष्ट्रीय इकाई में छह साल के कार्यकाल में केवल नौ महीने बचे थे।

वर्मा ने कहा कि बोर्ड में स्थायित्व के लिये गांगुली और शाह का बने रहना जरूरी है।

वर्मा ने पीटीआई- से कहा, ‘‘मैं शुरू से कहता रहा हूं कि सौरव गांगुली बीसीसीआई की अगुवाई करने के लिये सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। मेरा मानना है कि बीसीसीआई में स्थायित्व के लिये दादा और जय शाह का पूरे कार्यकाल तक बने रहना जरूरी है। ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\