देश की खबरें | गेम जोन ने अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन ही नहीं किया: राजकोट अग्निशमन प्रमुख
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भीषण आग में 27 लोगों की मौत के बाद राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव के दावे को खारिज करते हुए शहर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी आईवी खेर ने कहा कि ‘टीआरपी गेम जोन’ के प्रबंधन ने आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया था।
राजकोट, 27 मई भीषण आग में 27 लोगों की मौत के बाद राजकोट के पुलिस आयुक्त राजू भार्गव के दावे को खारिज करते हुए शहर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी आईवी खेर ने कहा कि ‘टीआरपी गेम जोन’ के प्रबंधन ने आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के लिए कभी आवेदन ही नहीं किया था।
खेर ने यह भी कहा कि 2023 में मनोरंजन सुविधा के लिए ‘‘लाइसेंस’’ जारी करने और इस साल जनवरी में इसे नवीनीकृत करने से पहले शहर पुलिस ने राजकोट शहर के अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं से कभी परामर्श नहीं लिया था।
गुजरात सरकार ने अग्निकांड के दो दिन बाद सोमवार को भार्गव, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विधि चौधरी और पुलिस उपायुक्त (जोन-द्वितीय) सुधीर कुमार देसाई और राजकोट नगर आयुक्त आनंद पटेल का तबादला कर दिया है।
भार्गव ने 26 मई को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि स्थानीय पुलिस ने नवंबर 2023 में गेमिंग जोन के लिए बुकिंग लाइसेंस दिया था, जिसे एक जनवरी से 31 दिसंबर 2024 की अवधि के लिए फिर से नवीनीकृत किया गया।
उन्होंने कहा था, ‘‘गेम जोन को सड़क एवं भवन विभाग से अनुमति मिल गई थी। प्रबंधन ने दस्तावेज भी जमा कराये थे जिससे पता चला कि उसने आग से सुरक्षा के लिए उपकरण स्थापित किए हुए थे। हालांकि, प्रबंधन ने आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन यह अभी तक जारी नहीं किया गया था।’’
खेर ने कहा कि गेम जोन के मालिकों ने कभी भी आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए विभाग से संपर्क नहीं किया।
खेर से जब संवाददाताओं ने पूछा कि जैसा कि भार्गव ने दावा किया कि क्या आवेदन लंबित था, तो उन्होंने कहा, ‘‘ टीआरपी प्रबंधन ने कभी भी आग सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन नहीं किया। उनकी ओर से हमारे पास कभी कोई आवेदन नहीं आया, इसलिए कोई भी आवेदन लंबित नहीं है। आग लगने के बाद जब मैं मौके पर पहुंचा तो देखा कि आग बुझाने के लिए उपकरणों को लगाने का काम जारी था, लेकिन किसी ने अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन नहीं किया था।’’
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस ने बुकिंग लाइसेंस जारी करने या नवीनीकरण से पहले कभी भी दमकल विभाग से राय नहीं मांगी।
खेर ने कहा, ‘‘आमतौर पर पुलिस ऐसे लाइसेंस जारी करने से पहले हमें सूचित करती है। लेकिन, इस मामले में न तो पुलिस ने हमसे राय मांगी और न ही हमने अपनी राय दी। इसके अलावा, टीआरपी गेम जोन के किसी भी व्यक्ति ने अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए हमसे संपर्क नहीं किया था।’’
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