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नितिन गडकरी ने मौजूदा परिददृश्य में ‘विश्व युद्ध’ का खतरा जताया, महाशक्तियों की तानाशाही की आलोचना की

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को रूस-यूक्रेन और इजराइल-ईरान युद्धों का हवाला देते हुए कहा कि महाशक्तियों की तानाशाही और निरंकुशता के कारण समन्वय, आपसी सद्भाव और प्रेम खत्म हो रहा है और दुनिया भर में संघर्ष का माहौल है.

नितिन गडकरी ने मौजूदा परिददृश्य में ‘विश्व युद्ध’ का खतरा जताया, महाशक्तियों की तानाशाही की आलोचना की
Credit-(Instagram,Gadkari Nitin)

नागपुर, 6 जुलाई : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को रूस-यूक्रेन और इजराइल-ईरान युद्धों का हवाला देते हुए कहा कि महाशक्तियों की तानाशाही और निरंकुशता के कारण समन्वय, आपसी सद्भाव और प्रेम खत्म हो रहा है और दुनिया भर में संघर्ष का माहौल है. भारत को दुनिया को सत्य, अहिंसा और शांति का संदेश देने वाली बुद्ध की भूमि बताते हुए गडकरी ने अंतरराष्ट्रीय घटनाओं की समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद भविष्य की नीति निर्धारित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. यहां ‘बियॉन्ड बॉर्डर्स’ पुस्तक के विमोचन के अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि ये संघर्ष ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं जहां विश्व युद्ध ‘कभी भी’ छिड़ सकता है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध से संबंधित तकनीकी प्रगति भी मानवता की रक्षा करना कठिन बना रही है. उन्होंने कहा कि युद्ध से संबंधित तकनीकी प्रगति मानवता की रक्षा करना भी कठिन बना रही है. गडकरी ने कहा, ‘‘इजराइल और ईरान के साथ-साथ रूस और यूक्रेन में युद्ध के बीच दुनिया भर में संघर्ष का माहौल है. स्थिति ऐसी है कि इन दो युद्धों की पृष्ठभूमि में कभी भी विश्व युद्ध होने की आशंका है.’’ गडकरी ने कहा कि उन्नत तकनीक के कारण युद्ध के आयाम बदल गए हैं, मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे टैंक और अन्य प्रकार के विमानों की प्रासंगिकता कम हो रही है. यह भी पढ़ें : प्रौद्योगिकी और लोगों के हित को सहकारिता क्षेत्र की ‘कार्य संस्कृति’ का अभिन्न अंग बनाएं : अमित शाह

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘इन सबके बीच मानवता की रक्षा करना मुश्किल हो गया है. अक्सर नागरिक बस्तियों पर मिसाइलें दागी जाती हैं. इससे गंभीर समस्या पैदा हो गई है और इन सभी मुद्दों पर वैश्विक स्तर पर चर्चा करने की जरूरत है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कहना सही नहीं होगा, लेकिन (असल में) यह सब धीरे-धीरे विनाश की ओर ले जा रहा है. महाशक्तियों की तानाशाही और निरंकुशता समन्वय, सद्भाव और प्रेम को खत्म कर रही है.’’

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 06, 2025 04:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).