देश की खबरें | गडकरी ने कोरोना वायरस के साथ ‘जीने का तरीका’ सीखने की हिमायत की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 31 जुलाई केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन रहने से कोविड-16 महामारी की तुलना में और गंभीर संकट पैदा होगा और उन्होंने वायरस से निपटने के लिए ‘जीने का तरीका’ सीखने की हिमायत की ।

भाजपा नेता ने कहा कि लोगों की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है क्योंकि महामारी से अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है ।

यह भी पढ़े | बिहार सरकार में मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा- सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की CBI जांच के लिए सीएम नीतीश कुमार, पीएम मोदी से कर सकते हैं बात.

उन्होंने कहा, ‘‘भूखे पेट में कोई दर्शन काम नहीं आता है। हमें कोविड-19 के साथ जीने का तरीका सीखना होगा। ’’

एक मराठी समाचार चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में गडकरी ने कहा, ‘‘हमें खुद की रक्षा और अर्थव्यवस्था को गति देने के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है।’’

यह भी पढ़े | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश की PM शेख हसीना को दी ईद-उल-अजहा की बधाई.

उन्होंने स्वीकार किया कि कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन से आर्थिक संकट पैदा हुआ है और केंद्र का राजस्व भी कम हुआ है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक लॉकडाउन जारी रहने से कोविड-19 महामारी की तुलना में और गंभीर संकट पैदा होगा ।

गडकरी ने इसे अपनी निजी राय बताते हुए कहा कि लॉकडाउन के लाभ-हानि पर सवाल करने का यह विषय नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘लॉकडाउन की जरूरत थी या नहीं, इस पर चर्चा करना ठीक नहीं है । उस समय उचित फैसले किए गए । हमें अनुभवों से सीखना होगा । लॉकडाउन पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें कोविड-19 संकट और इसके बाद के हालात से निपटने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)