श्रीनगर, 21 मई जी20 के मुख्य समन्वयक हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को कहा कि यहां जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक में सबसे अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी है और यह जम्मू कश्मीर में होने वाला सबसे महत्वपूर्ण आयोजन होगा।
श्रृंगला ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पहले की दो बैठकों की तुलना में इस कार्य समूह की बैठक में हमारे पास विदेशी प्रतिनिधियों का उच्चतम प्रतिनिधित्व है। मैं केवल इतना कह सकता हूं कि हम भागीदारी से बहुत खुश हैं। एक अनूठी बैठक होने वाली है।’’
श्रृंगला कुछ सदस्य देशों द्वारा कार्य समूह की बैठक के लिए पंजीकरण नहीं कराने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।
जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव ए के मेहता और केंद्र सरकार के पर्यटन सचिव अरविंद सिंह के साथ उन्होंने सोमवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैठक के कार्यक्रम के बारे में मीडिया को जानकारी दी।
श्रीनगर 22-24 मई तक तीसरी जी20 पर्यटन कार्यसमूह की बैठक की मेजबानी करेगा। पहली बैठक फरवरी में गुजरात के कच्छ के रण में और दूसरी अप्रैल में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुई थी।
श्रृंगला ने कहा कि कार्य समूह की बैठक का व्यापक उद्देश्य भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक पहचान को पेश करना और देश की पर्यटन क्षमता को दुनिया के सामने बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर पर ध्यान आकर्षित करने के लिए इस बैठक का उपयोग करने का विचार है और यह कैसे हस्तशिल्प को पुनर्जीवित करने में मदद कर सकता है, आदि। यह हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को प्रस्तुत करने का एक अवसर है। पर्यटन समूह से बेहतर कोई अन्य कार्य समूह इसे नहीं करता।’’
श्रृंगला ने कहा, ‘‘यह जम्मू कश्मीर में सबसे महत्वपूर्ण घटना होगी।’’
जी20 के मुख्य समन्वयक श्रृंगला ने कहा कि भारत अपनी जी20 अध्यक्षता के आधे रास्ते में है और अब तक देश के विभिन्न हिस्सों में 118 बैठकें हो चुकी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने कच्छ के रण से कोहिमा तक और कन्याकुमारी से और अब कश्मीर तक 118 बैठकों की मेजबानी की है। हर जगह लगाव की भावना रही है और मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि श्रीनगर में भी ऐसा ही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब हम श्रीनगर के विभिन्न जगह की ओर जाते हैं, तो हम एक पूरी तरह से परिवर्तित शहर देखते हैं। श्रीनगर आज बहुत अधिक सुंदर है। (इसमें) बेहतर सुविधाएं हैं। यह वास्तव में एक स्मार्ट शहर है, जिसे आप दुनिया को दिखाना चाहते हैं।’’
कश्मीर की यात्रा के बारे में कुछ पश्चिमी देशों द्वारा जारी की गई नकारात्मक सलाह के बारे में पूछे जाने पर श्रृंगला ने कहा कि जब विदेशी पर्यटक ऐसी सलाह के बावजूद घाटी का दौरा कर रहे हैं तो इसका कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल, 1.88 करोड़ पर्यटक जम्मू कश्मीर आए थे और उनमें से एक बहुत बड़ी संख्या विदेशी पर्यटकों की थी। विदेशी आएंगे और बड़ी संख्या में आएंगे। फिर सलाह का क्या मतलब है? उसका कोई मतलब नहीं है।’’
श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करना है कि भारत की जी20 अध्यक्षता का संदेश 'जन भागीदारी' प्रक्रिया के माध्यम से जमीनी स्तर तक ले जाया जाए और देश के लोगों को जी20 के बारे में जागरूक करने के लिए बहुत सारे प्रयास किए गए हैं।
वहीं, सिंह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए 22-23 मई को 'आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के लिए फिल्म पर्यटन' पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम जी20 सदस्य देशों, आमंत्रित देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और उद्योग हितधारकों की भागीदारी का गवाह बनेगा।
सिंह ने कहा कि पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने में फिल्मों की भूमिका का उपयोग करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करने के वास्ते 'फिल्म पर्यटन पर राष्ट्रीय रणनीति' का एक मसौदा पेश किया जाएगा।
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