देश की खबरें | जी-20 बैठक: मुख्यमंत्री चौहान ने खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के साथ कुदरत बचाने को भी जरूरी बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. जी20 की बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनाज उत्पादन बढ़ाना अहम है, लेकिन इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए कि खेती के तरीकों से कुदरत को कोई नुकसान न हो।

इंदौर,13 फरवरी जी20 की बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अनाज उत्पादन बढ़ाना अहम है, लेकिन इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए कि खेती के तरीकों से कुदरत को कोई नुकसान न हो।

उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता में कृषि उप प्रमुखों की पहली बैठक के उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेने के बाद संवाददाताओं से कहा,‘‘वैश्विक खाद्य सुरक्षा का विषय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है और हमें खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना होगा, लेकिन हमें इस तरह से खेती करनी होगी कि मनुष्य स्वस्थ रहें और जीव-जंतु तथा नदियां भी बची रहें।’’

कृषि प्रधान राज्य के मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया को प्राकृतिक खेती अपनाने का संदेश दे रहा है ताकि धरती आने वाली पीढ़ियों के रहने लायक बची रहे।

चौहान ने खेतों में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर चिंता जताई और कहा कि इससे मनुष्यों के साथ ही जीव-जंतुओं की कई प्रजातियों पर विपरीत असर हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया की खाद्यान्न आवश्यकताओं की पूर्ति में आज भारत अहम भूमिका निभा रहा है, जबकि एक वक्त ऐसा भी था कि देश के पास अपने ही नागरिकों का पेट भरने लायक अनाज नहीं होता था।

चौहान ने बताया कि भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में आयोजित जी20 बैठक में 30 देशों के कृषि क्षेत्र के 89 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक दुनिया में खाद्यान्नों की मांग बढ़कर 34.5 करोड़ टन हो जाएगी, जो 2000 में 19.2 करोड़ टन थी। चौहान ने कहा कि दुनिया की केवल 12 प्रतिशत जमीन खेती के लिए उपयुक्त है, इसलिए भविष्य की बड़ी खाद्यान्न आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर दोहन की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा,‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि जी20 की बैठक में निकलने वाले समाधानों के जरिये हमें खेती को नयी तकनीकों से जोड़ने में मदद मिलेगी जिससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी।’’

इससे पहले, चौहान ने आयोजन स्थल पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जिसमें राज्य के मोटे अनाजों के साथ ही अलग-अलग खाद्य उत्पादों को पेश किया गया है।

जी20 की तीन दिवसीय बैठक के दौरान पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों, कृषि बाजार सूचना तंत्र, गेहूं की खेती से जुड़े कदमों, कृषि क्षेत्र के जोखिम प्रबंधन और भोजन की बर्बादी सरीखे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।

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