देश की खबरें | आईएसएल के लिए पूरी तरह तैयार छेत्री ने कहा, बायो-बबल में रहना आसान नहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के आगामी सत्र में अपनी टीम बेंगलुरु एफसी को एक और सफलता दिलाने के लिए तैयार भारतीय फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि बायो-बबल (जैव सुरक्षित) में रहना आसान नहीं है लेकिन इसके लिए हर जरूरी चीज कर रहे है।
नयी दिल्ली, 12 नवंबर इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) के आगामी सत्र में अपनी टीम बेंगलुरु एफसी को एक और सफलता दिलाने के लिए तैयार भारतीय फुटबॉल कप्तान सुनील छेत्री ने कहा कि बायो-बबल (जैव सुरक्षित) में रहना आसान नहीं है लेकिन इसके लिए हर जरूरी चीज कर रहे है।
छेत्री की टीम पिछले तीन सप्ताह से गोवा में पृथकवास पर है जहां वह हर दिन दोहरे अभ्यास सत्रों में भाग लेने के अलावा किताबें पढ़ रहे है और प्रसिद्ध प्रसारक और इतिहासकार सर डेविड एटनबरो की ‘ए लाइफ ऑन अ प्लेनेट’ को देख रहे है।
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छेत्री ने ट्विटर पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘ बायो-बबल के अंदर यह हमारा तीसरा सप्ताह है और मुझे यह स्वीकार करना होगा कि यह आसान नहीं है, लेकिन यह जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हम दिन में दो बार अभ्यास करने के साथ ही पूरी कोशिश कर रहे हैं कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जितना संभव हो सके एक टीम के रूप में उतने फिट हो।’’
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देश की शीर्ष घरेलू फुटबॉल लीग के सातवें सत्र का आगाज 20 नवंबर को एटीके मोहन बागान और केरल ब्लास्टर्स के मैच से होगा। कोविड-19 के कारण इसका आयोजन बायो-बबल में होगा, जिसके सभी मैचों को गोवा के तीन स्थलों पर खेला जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय फुटबॉलरों में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद सबसे ज्यादा गोल करने वाले छेत्री ने कहा, ‘‘ अब बस 10 दिन (से भी कम समय) बचे है और मुझे पूरा यकीन है कि आप सभी आईएसएल का उतना ही इंतजार कर रहे हैं होंगे जितना मैं और पूरी टीम कर रहे है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ इन सब के बीच मैं अपने लिए कुछ समय निकालने की पूरी कोशिश कर रहा हूं। इस दौरान मैंने बिल ब्रायसन की किताब ‘द बॉडी’ पढ़कर समाप्त की है और दूसरों के लिए इसकी अनुशंसा भी करना चाहूंगा। इसके अलावा, मैंने और पत्नी ने सर डेविड एटनबरो की ‘ए लाइफ ऑन अवर प्लेनेट’ को भी देखा जो शानदार है।
बेंगलुरु एफसी की टीम 2018 में टूर्नामेंट की चैम्पियन बनीं थी।
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