विदेश की खबरें | फुकुशिमा परमाणु संयंत्र ने अपशिष्ट जल को छोड़ने की योजना का परीक्षण शुरू किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. संचालक ‘तोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी होल्डिंग्स’ (टीईपीसीएच) ने कहा कि फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र में परीक्षण के दौरान उपचारित पानी की जगह ताज़े पानी का इस्तेमाल किया गया है।
संचालक ‘तोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी होल्डिंग्स’ (टीईपीसीएच) ने कहा कि फुकुशिमा दाइची परमाणु ऊर्जा संयंत्र में परीक्षण के दौरान उपचारित पानी की जगह ताज़े पानी का इस्तेमाल किया गया है।
संयंत्र के कर्मचारियों ने नव निर्मित केंद्र में पंप और आपात स्थिति में बंद करने वाले उपकरण का परीक्षण किया। इस केंद्र में उपचारित पानी में बड़ी मात्रा में समुद्र का जल मिलाया जाएगा। इसके बाद यह पानी समंदर के नीचे बनी सुरंग में जाएगा और फिर इसे तट से करीब एक किलोमीटर दूर सागर में छोड़ दिया जाएगा।
समंदर के नीचे बनाई गई सुरंग और अन्य अहम केंद्र करीब करीब पूरे होने वाले हैं। टीईपीसीओ ने कहा है कि यह परीक्षण करीब दो हफ्ते तक जारी रह सकता है और इसके बाद परमाणु विनियमन प्राधिकरण अनिवार्य पूर्व परिचालन जांच कर सकता है जो संभवत: जुलाई के शुरू में हो।
जापान की सरकार ने अप्रैल 2021 में अपनी इस योजना का ऐलान किया था कि उपचारित लेकिन थोड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी युक्त पानी को समुद्र में छोड़ा जाएगा। उसका कहना था कि यह सुरक्षित स्तर पर है।
जापान के अधिकारियों ने कहा कि पानी को फिलहाल संयंत्र में हज़ारों टंकियों में रखा गया है और अगर भूकंप आता है तो दुर्घटनावश पानी लीक होने से रोकने के लिए इसे यहां से हटाने की जरूरत है।
इस योजना का स्थानीय मछुआरे समुदाय ने कड़ा विरोध किया है। वहीं दक्षिण कोरिया, चीन और प्रशांत द्वीप के राष्ट्रों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।
मार्च 2011 में भूकंप और सुनामी ने फुकुशिमा दाइची संयंत्र की ‘कूलिंग प्रणाली’ को तबाह कर दिया था जिससे तीन रिएक्टर पिघल गए थे और बड़ी संख्या में रेडिएशन लीक हुआ था।
एपी
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