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देश की खबरें | 'अविश्वास' से 'प्रशंसा' तक - विपक्षी सांसदों ने धनखड़ के इस्तीफे के बाद उनकी सराहना की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्यसभा के तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश करने वाले कई विपक्षी सांसद, अचानक इस्तीफे के बाद उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

देश की खबरें | 'अविश्वास' से 'प्रशंसा' तक - विपक्षी सांसदों ने धनखड़ के इस्तीफे के बाद उनकी सराहना की

नयी दिल्ली, 22 जुलाई राज्यसभा के तत्कालीन सभापति जगदीप धनखड़ पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश करने वाले कई विपक्षी सांसद, अचानक इस्तीफे के बाद उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

दिलचस्प है कि उच्च सदन के ऐसे कई सांसदों की धनखड़ ने उनके आचरण को लेकर खिंचाई की थी। ऐसे सांसदों ने उनसे अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार करने का भी अनुरोध किया। उनका मानना था कि एक‘‘किसानपुत्र’’ को सम्मानजनक विदाई नहीं दी जा रही है।

राज्यसभा का सभापति रहते हुए धनखड़ का कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से अक्सर टकराव होता था। खरगे ने आरोप लगाया था कि सभापति उन्हें सदन में सार्वजनिक महत्व के मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

कांग्रेस के मुख्य सचेतक जयराम रमेश भी धनखड़ की आलोचना करते हुए कहा था कि उपराष्ट्रपति को ‘अंपायर’ की तरह तटस्थ रहना चाहिए।

रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘सभापति राज्यसभा की कार्यवाही जिस पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित कर रहे हैं, उसे देखते हुए ‘इंडिया’ गठबंधन से जुड़े सभी दलों के पास उनके खिलाफ औपचारिक रूप से अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’

हालांकि, धनखड़ के इस्तीफे के बाद रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धनखड़ को अपना विचार बदलने के लिए कहना चाहिए और यह राष्ट्रहित में होगा।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘जगदीप धनखड़ के जबरन इस्तीफे के संबंध में प्रधानमंत्री के पोस्ट ने रहस्य को और बढ़ा दिया है। निश्चित रूप से प्रधानमंत्री कुछ अधिक उदार हो सकते थे, आख़िरकार, वह दोहरे मापदंड के महारथी हैं।’’

उन्होंने दावा किया कि एक किसान पुत्र को सम्मानजनक विदाई से भी वंचित किया जा रहा है।

एक अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल भी धनखड़ की आलोचना का शिकार हुए थे। उनके इस्तीफे के बाद, सिब्बल ने कहा कि धनखड़ एक "राष्ट्रवादी और देशभक्त" हैं।

सिब्बल ने कहा, "मुझे अच्छा नहीं लग रहा है और मेरे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं। कोई बुरी भावना नहीं थी... वह बातों को अपने दिल में नहीं रखते हैं।"

पिछले साल दिसंबर में न्यायमूर्ति शेखर यादव को हटाने के लिए दिए गए नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने के लिए सिब्बल ने धनखड़ के खिलाफ सार्वजनिक रूप से टिप्पणी की थी।

धनखड़ ने सदन के अंदर आसन के निर्देशों की अवहेलना करने और 'आपत्तिजनक' का इस्तेमाल करने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन पर निशाना साधा था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 10:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).