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देश की खबरें | कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अधिकारियों ने बताया कि गुलमर्ग और उसके आसपास के तंगमर्ग और बाबरेशी क्षेत्रों में दो से तीन इंच तक बर्फबारी हुई। इनके अलावा, गुरेज़, राजदान दर्रा, साधना दर्रा, फुरकैन गली, जेड-गली शोपियां और जोजिला दर्रा में भी ताजा बर्फबारी हुई। कुछ इलाकों में बारिश भी हुई।

देश की खबरें | कश्मीर में ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी

अधिकारियों ने बताया कि गुलमर्ग और उसके आसपास के तंगमर्ग और बाबरेशी क्षेत्रों में दो से तीन इंच तक बर्फबारी हुई। इनके अलावा, गुरेज़, राजदान दर्रा, साधना दर्रा, फुरकैन गली, जेड-गली शोपियां और जोजिला दर्रा में भी ताजा बर्फबारी हुई। कुछ इलाकों में बारिश भी हुई।

कश्मीर में मंगलवार, 21 दिसंबर को 40 दिन का 'चिल्लई कलां' का दौर शुरू हो गया था। इस दौरान क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है। बादल छाए रहने के कारण बुधवार रात घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार हुआ और अधिकांश स्थानों पर पारा जमाव बिंदु से ऊपर रहा।

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में बुधवार की रात तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में तापमान 0.3 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड में न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस और कोकेरनाग में तापमान 0.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

उन्होंने बताया कि केवल उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग रिज़ार्ट में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु से नीचे रहा, वहां तापमान शून्य से नीचे 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में जम्मू-कश्मीर में कई स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग ने कहा, ‘‘ इसके बाद 26 से 27 दिसंबर के बीच फिर भारी बर्फबारी हो सकती है। कश्मीर के मैदानी इलाकों में हल्के से मध्यम हिमपात, जम्मू में बारिश और लद्दाख के कुछ स्थानों, खासकर कारगिल-ज़ांस्कर में मध्यम हिमपात की उम्मीद है।’’

कश्मीर में 40 दिन का 'चिल्लई कलां' का दौर 21 दिसंबर से शुरू हो गया। इस दौरान क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ती है और तापमान में भी गिरावट दर्ज की जाती है, जिससे यहां की प्रसिद्ध डल झील के साथ-साथ घाटी के कई हिस्सों में पानी की आपूर्ति लाइनों सहित जलाशय जम जाते हैं। इस दौरान अधिकतर इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी सबसे अधिक रहती है, खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में, भारी हिमपात होता है।

‘चिल्लई कलां’ के 31 जनवरी को खत्म होने के बाद, 20 दिन का ‘चिल्लई-खुर्द’ और फिर 10 दिन का ‘चिल्लई बच्चा’ का दौर शुरू होता है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 23, 2021 12:37 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).