जंगल की आग के सामने लाचार होते फ्रांस और स्पेन
फ्रांस और स्पेन इस समय भीषण जंगल की आग की चपेट में हैं.
फ्रांस और स्पेन इस समय भीषण जंगल की आग की चपेट में हैं. लगातार पड़ रही गर्मी, सूखे और तेज हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है. दोनों देशों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.कैप फेरे प्रायद्वीप फ्रांस के दक्षिण में स्थिति है. अटलांटिक महासागर के किनारे बसे इस इलाके में सुंदर बीच है. पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय इन तटों पर पूरे यूरोप से लोग गर्मियों की छुट्टियां मनाने भी जाते हैं. वहां खान पान के साथ साथ समंदर की ठंडी नमकीन हवा का आनंद लिया जाता है. लेकिन इस वक्त कैप फेर के आकाश में धुआं है और हवा में राख की गंध. कैप फेर के जंगलों में भीषण आग लगी हुई और वह लगातार फैलती जा रही है.
जंगलों की प्रचंड आग से निपटने के लिए कितने तैयार हैं हम
अधिकारियों ने इस पूरे इलाके को खाली कराने का आदेश दिया है. वहां फंसे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नावों और एकमात्र सड़क के जरिए बाहर निकाला जा रहा है. कैप फेरे के आसपास लगी आग अब तक करीब 8,700 हेक्टेयर, यानी फुटबॉल के 8,700 मैदानों जितना बड़ा इलाका तबाह कर चुकी है. आग अभी भी तेजी से फैल रही है. फ्रांसीसी अधिकारियों के मुताबिक तेज हवाओं की वजह से आग की दिशा और रफ्तार लगातार बदल रही है.
फ्रांस में वाइन के मशहूर इलाके बोर्दो के पास भी आग बेकाबू बनी हुई है. एक फूड डिलीवरी वैन से शुरू हुई आग ने वहां करीब 2,500 हेक्टेयर इलाके को खाक कर दिया है. बिसकारोस इलाके से अब तक 23,000 से ज्यादा लोगों को निकाला गया है. इनमें स्थानीय निवासी और पर्यटक शामिल हैं. इसी हफ्ते की शुरुआत में बोर्दो एयरपोर्ट के पास आग बुझाने की कोशिश के दौरान दो दमकलकर्मियों की जान भी चली गई. बोर्दो के आस पास शुक्रवार को भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
फ्रांस के राष्ट्रपति माक्रों ने मांगी यूरोपीय संघ से मदद
फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने विकराल हो चुकी आग से लड़ने के लिए यूरोपीय संघ से सहायता मांगी है. माक्रों के मुताबिक, क्रोएशिया और पुर्तगाल से अग्निशमन विमान, जबकि चेक गणराज्य और स्लोवाकिया से हेलीकॉप्टर भेजे जा रहे हैं. फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय ने भी एक विशेष सैन्य परिवहन विमान को भी आग बुझाने के अभियानों के लिए तैयार करने का एलान किया है. यह विमान एक बार में 20 टन तक पानी गिरा सकता है.
दक्षिणी फ्रांस में मार्से के उत्तर पूर्व स्थित पोंतेवेस क्षेत्र में भी जंगल की आग दोबारा भड़क उठी है. एहतियात के तौर पर सैकड़ों लोगों को वहां से हटाया गया है. करीब 800 दमकलकर्मी और सैनिक आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं.
स्पेन में आपातकाल की घोषणा
फ्रांस के पड़ोसी देश, स्पेन में सरकार ने गुरुवार रात देश में आपातकाल की घोषणा कर दी. स्पेन में राजधानी मैड्रिड और उसके पड़ोसी प्रांत अविला में जंगल की आग नियंत्रण से बाहर हो चुकी है. एक तरफ दमकलकर्मी विकराल लपटों पर काबू पाने कोशिश कर रहे हैं तो दूसरी तरफ 10,000 से ज्यादा लोगों को आग प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला गया है.
स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, एक साथ कई जगहों पर भड़की आग और दुश्वार मौसम की वजह से जन प्रशासन के पूरे सेटअप को राहत कार्यों में लगाया जा रहा है. मंत्रालय के मुताबिक, इमरजेंसी के जरिए आग से लड़ने और आम लोगों की जान बचाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.
आग को लिए ईंधन देता जलवायु परिवर्तन
फ्रांस, स्पेन और पुर्तगाल समेत दक्षिणी यूरोप के बड़े इलाके में हर साल भड़क रही वनाग्नि के लिए वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक, हाल के दशकों में वसंत में काफी बारिश हो रही है, जिसकी वजह से घास और पौधे तेजी से भड़ रहे हैं. इसके बाद भीषण गर्मी पड़ रही है, जिससे यह हरियाली सूख रही है और आग के लिए ईंधन का काम कर रही है.
कैलिफोर्निया के जंगलों में ऐसी आग कभी नहीं दिखी थी
मैड्रिड की प्रांतीय सरकार के मुताबिक, राजधानी के आस पास आग पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुकी है. प्रशासन के मुताबिक, आग इतनी विकराल है कि प्रशासानिक क्षमताओं उसके आगे बौनी हैं. आशंका है कि अगर मौसम गर्म बना रहा और हवाओं का रुझान राजधानी की ओर हुआ तो आग मैड्रिड भी पहुंच सकती है. स्पेन में इस साल जंगल की आग अब तक 13 लोगों की जान ले चुकी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 24, 2026 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

