जरुरी जानकारी | दिल्ली हवाईअड्डे पर चौथी हवाई पट्टी शुरू, ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे का भी आगाज
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नयी दिल्ली, 14 जुलाई दिल्ली हवाईअड्डे पर निर्मित एलिवेटेड ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे और चौथी हवाई पट्टी पर विमानन गतिविधियों का परिचालन शुक्रवार से शुरू हो गया। इससे देश के सबसे बड़े हवाईअड्डे की क्षमता और परिचालन दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां हवाईअड्डे पर आयोजित एक कार्यक्रम में ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे (ईसीटी) और नई हवाई पट्टी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि देश का विमानन क्षेत्र इस समय वृद्धि के दौर की शुरुआत से गुजर रहा है।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआईए) देश का पहला ऐसा हवाईअड्डा है जहां पर चार हवाई पट्टियां होने के साथ ईसीटी भी मौजूद है। इस हवाईअड्डे से रोजाना करीब 1,500 विमानों की आवाजाही होती है। देश के सबसे बड़े हवाईअड्डे पर नई सुविधाएं शुरू होने से विमानों की आवाजाही में सहूलियत बढ़ जाएगी।
करीब 2.1 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न क्रॉस टैक्सीवे (ईसीटी) शुरू हो जाने से विमान उतरने के बाद और उड़ान भरने के पहले यात्रियों का टरमैक पर बिताया जाने वाला समय कम हो जाएगा। ईसीटी शुरू होने के साथ आईजीआईए देश का इकलौता हवाईअड्डा हो गया है जहां ऊपर टैक्सीवे होगा और उसके नीचे से सड़कें गुजरती हैं।
विमानों के खड़े होने वाली जगह से हवाई पट्टी तक जाने वाले रास्ते को टरमैक कहा जाता है।
ईसीटी दिल्ली हवाईअड्डे के पूर्वी हिस्से में उत्तरी और दक्षिणी हवाई क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगा। इससे उड़ान भरने से पहले और उतरने के बाद विमान को टरमैक पर सात किलोमीटर तक कम दूरी तय करनी होगी। इससे विमान के उड़ान भरने से पहले (टैक्सींग) का समय 20 मिनट से घटकर 10-12 मिनट रह जाएगा।
सिंधिया ने कहा कि ईसीटी पर चौड़े आकार वाले दो विमान एक साथ आवागमन कर सकते हैं। दो लेन वाले ईसीटी की एक लेन 44 मीटर चौड़ी है और दोनों लेन के बीच 47 मीटर का फासला भी रखा गया है ताकि चौड़े विमान आसानी से आवाजाही कर सकें।
सिंधिया ने कहा कि चौथी हवाई पट्टी शुरू हो जाने और अक्टूबर तक चौथे टर्मिनल का भी काम पूरा हो जाने पर दिल्ली हवाईअड्डे की क्षमता बढ़कर 10.9 करोड़ यात्री प्रति वर्ष हो जाएगी। फिलहाल इसकी क्षमता सात करोड़ यात्री प्रति वर्ष की है। उन्होंने दावा किया कि आईजीएआई क्षमताओं के मामले में अटलांटा हवाईअड्डे को भी पीछे छोड़ देगा।
आईजीआईए का परिचालन दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के पास है जो जीएमआर एयरपोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की अगुवाई वाला गठजोड़ है।
इस मौके पर जीएमआर ग्रुप के चेयरमैन जी एम राव ने कहा कि हवाईअड्डे पर ईसीटी और चौथी हवाई पट्टी शुरू होने से इसकी परिचालन दक्षता और क्षमता बढ़ जाएगी।
सिंधिया ने जीएमआर ग्रुप से अक्टूबर तक चौथे टर्मिनल 'टी4' का निर्माण कार्य पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि त्योहारी मौसम की भीड़भाड़ शुरू होने के पहले नया टर्मिनल का परिचालन शुरू हो जाने के प्रयास करने होंगे।
उन्होंने कहा कि देश के नागर विमानन क्षेत्र में इस समय वृद्धि का दौर शुरू है और यह एक आर्थिक शक्ति के रूप में देश के उदय में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा, "भारत ने ऊंचे मुकाम पर पहुंचने का लक्ष्य रखा है। इसमें नागर विमानन क्षेत्र भी भारत की आर्थिक शक्ति के उत्थान में अपना योगदान दे रहा है।"
सिंधिया ने पिछले कुछ महीनों में देश की कुछ एयरलाइंस की तरफ से विमान विनिर्माता कंपनियों एयरबस और बोइंग को दिए गए बड़े ऑर्डर का जिक्र करते हुए कहा कि घरेलू विमानन कंपनियों के पास उपलब्ध विमानों की संख्या 1,500 तक पहुंच जाएगी जबकि फिलहाल इनकी संख्या 720 है।
उन्होंने कहा कि आज देश में 148 हवाईअड्डे, हेलीपोर्ट और वाटरड्रोम मौजूद हैं और आने वाले समय में इनकी संख्या बढ़कर 220 हो जाएगी।
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