विदेश की खबरें | पाकिस्तान में संदिग्ध ड्रोन हमले में चार बच्चों की मौत; हजारों लोगों ने किया प्रदर्शन
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मीर अली में सोमवार को जो यह हमला हुआ उसके पीछे कौन है। मीर अली पाकिस्तानी तालिबान का गढ़ रहा है। इस हमले के बारे में सेना की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई।

स्थानीय कबायली बुजुर्ग मुफ्ती बैतुल्लाह ने कहा,‘‘हम किसी पर अंगुली नहीं उठा रहे हैं, लेकिन हम इंसाफ चाहते हैं और सरकार को हमें बताना चाहिए कि हमारे बच्चों को किसने मारा।’’

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन जवाब नहीं दे पाया तो फिलहाल जो विरोध प्रदर्शन चल रहा है, वह और बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक हमें यह नहीं बताया जाता कि हमारे मासूम बच्चों की हत्या के लिए कौन जिम्मेदार है, तब तक हम शवों को नहीं दफनाएंगे।’’

प्रदर्शनकारी ‘हमें न्याय चाहिए’ के नारे लगा रहे थे ।

इस हमले में आम नागरिकों की मौत ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ सैन्य अभियान चल रहा है।

खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मीर अली में पाकिस्तान तालिबान की मजबूत उपस्थिति है। पाकिस्तानी तालिबान को तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के नाम से जाना जाता है और वह अफगान तालिबान से एक भिन्न उग्रवादी संगठन है।

प्रांतीय मंत्री नायक मुहम्मद दावर ने मंगलवार को एक बयान में हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि घटना की जांच चल रही है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)