रांची, पांच मई झारखंड के भारतीय प्राशासनिक सेवा के अधिकारी छवि रंजन को कथित रूप से भूमाफिया के साथ मिलकर फर्जी तरीके से सेना की जमीन की रजिस्ट्री करने के मामले में विशेष अदालत ने शुक्रवार को दो सप्ताह के लिये न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा जेल भेज दिया।
रंजन को ईडी ने बृहस्पतिवार को करीब 11 घंटे की पूछताछ के बाद रात दस बजे गिरफ्तार कर लिया था।
झारखंड के 2011 बैच के भारतीय प्राशासनिक सेवा के अधिकारी को प्रवर्तन निदेशालय ने आज यहां विशेष अदालत में पेश किया, जहां से अधिकारी को दो सप्ताह के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अदालत से बाहर आते हुए रांची के इस पूर्व उपायुक्त को आंसू पोंछते देखा गया।
ईडी के सूत्रों ने बताया कि निदेशालय के जांच अधिकारी संभवत: शनिवार को पूछताछ के लिए अदालत से रंजन की रिमांड मांगेंगे।
इससे पहले, दूसरी बार की पूछताछ के बाद एजेंसी ने सेना की जमीन की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करने के सिलसिले में रंजन को गिरफ्तार कर लिया और रात में ही सदर अस्पताल के चिकित्सकों से चिकित्सा जांच करवायी।
जांच एजेंसी ने 24 अप्रै को रंजन को पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी ने उनसे उनकी संपत्ति का ब्यौरा भी मांगा था।
ईडी ने इस मामले में जांच के दौरान गिरफ्तार किये गये पांच लोगों के करीब 50 बैंक खाते भी सील किये ।
झारखंड में ईडी ने भ्रष्टाचार के मामलों में एक वर्ष के भीतर दूसरे आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है।
पिछले वर्ष खनन घोटाले एवं मनरेगा घोटाले में राज्य सरकार की सचिव पूजा सिंघल को 11 मई को ईडी ने गिरफ्तार किया था और अभी तक वह न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
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