देश की खबरें | पंजाब के पूर्व डीजीपी सैनी मोहाली की अदालत के समक्ष पेश हुए

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ, 25 सितंबर पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सिंह सैनी शुक्रवार को मोहाली की एक अदालत के समक्ष पेश हुए और अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने का अनुरोध किया।

सैनी ने अदालत के समक्ष कहा कि वह वर्ष 1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी की गुमशुदगी के मामले की जांच में शामिल होने को तैयार हैं।

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अदालत ने पंजाब पुलिस की विशेष जांच दल (एसआईटी) को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब किया और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर तय की।

विशेष लोक अभियोजक सरतेज सिंह नरूला ने कहा कि पूर्व डीजीपी अपने वकील के साथ न्यायिक मैजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) रविंदर कौर की अदालत के समक्ष पेश हुए।

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सैनी ने अपने आवेदन में कहा कि उच्चतम न्यायालय ने उन्हें मामले में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया है और उनके खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट वापस ले लिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने और आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय सहयोग करने के लिए ''तैयार''हैं।

मोहाली के मटौर पुलिस थाने में एसआईटी के समक्ष पेश होने में विफल रहने के दो दिन बाद सैनी ने यह आवेदन दाखिल किया है।

अदालत ने सैनी के खिलाफ 12 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और पुलिस को निर्देश दिया था कि सैनी को 25 सितंबर तक अदालत के समक्ष पेश करें।

मुल्तानी की 1991 में गुमशुदगी के सिलसिले में पूर्व डीजीपी के खिलाफ मई में मामला दर्ज किया गया था।

मुल्तानी अपनी गुमशुदगी के समय चंडीगढ़ उद्योग एवं पर्यटन निगम में जूनियर इंजीनियर के तौर पर कार्यरत थे। पुलिस ने मुल्तानी के लापता होने के संबंध में प्राथमिकी में पिछले महीने आईपीसी की धारा 302 के तहत हत्या के आरोप भी जोड़ दिए थे।

सैनी पर 1991 में आतंकवादी हमला होने के बाद पुलिस ने मोहाली निवासी बलवंत मुल्तानी को पकड़ा था। सैनी उस समय चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे।

बलवंत मुल्तानी के भाई पालविंदर सिंह मुल्तानी की शिकायत पर सैनी और छह अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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