कोटा, पांच मई राजस्थान की पूर्व मंत्री वसुंधरा राजे ने शुक्रवार को मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व (एमएचटीआर) में एक बाघिन की मौत को लेकर कांग्रेस शासित राज्य सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाघ पुनर्बहाली परियोजना को गंभीरता से लेना चाहिए था।
गर्भ का समय पूरा कर चुकी नौ साल की बाघिन एमटी-4 की बृहस्पतिवार को मौत हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि उसके गर्भ में तीन शावक पल रहे थे, लेकिन वह कब्ज की गंभीर समस्या से पीड़ित थी।
वसुंधरा ने बाघिन की मौत को आपदाकारी बताते हुए कहा कि यह ‘टाइगर प्रोजेक्ट’ को एक और झटका है।
वसुंधरा ने ट्वीट किया, ‘‘एमएचटीआर में बाघिन एमटी-4 की मौत। परियोजना के लिए एक और झटका, जो सत्ताधारी प्रतिष्ठान द्वारा पहले से ही गंभीर कुप्रबंधन का शिकार है। मैं राज्य सरकार से एमएचटीआर में बाघों की पुनर्बहाली को गंभीरता से लेने की विनती करती हूं। एनटीसीए की ओर से किसी कारण से प्रोटोकॉल निर्धारित किये जाते हैं। यह साफ है कि प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया।’’
इस बीच, सांगोद के कांग्रेस विधायक और राज्य वन्यजीव बोर्ड के सदस्य भरत सिंह ने भी कहा कि एमटी-4 की मौत दुर्भाग्यपूर्ण थी और यह एमएचटीआर और बाघ परियोजना के लिए एक बड़ा झटका है।
सिंह ने सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से अनुरोध किया है कि कम से कम दो बाघिनों को एमएचटीआर में स्थानांतरित किया जाए ताकि वे इकलौते बाघ एमटी-5 के साथ जोड़ी बना सकें।
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