चंडीगढ़, 12 मई पूर्व वायु सेना प्रमुख बी एस धनोआ ने उभरते युद्ध परिदृश्य को शुक्रवार को रेखांकित करते हुए देश की रक्षा जरूरतों के लिए स्वदेशी प्रौद्योगिकी आधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
पूर्व एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) धनोआ पंचकूला में टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (टीबीआरएल) में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
टीबीआरएल रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की प्रयोगशाला है जो रक्षा मंत्रालय के तहत आती है।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, धनोआ ने कहा कि उभरते संघर्ष परिदृश्य के मद्देनजर सटीक लक्ष्य निर्धारण एवं संपत्ति और संसाधनों की नेटवर्किंग की आवश्यकता होगी।
टीबीआरएल के निदेशक प्रोफेसर प्रतीक किशोर ने शिक्षा एवं उद्योग के सहयोग से अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया।
टीबीआरएल के 500 से अधिक अधिकारियों और कर्मियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस हर साल 11 मई को मनाया जाता है।
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