देश की खबरें | सऊदी अरब से हिंदू व्यक्ति के अवशेष लाने के वैकल्पिक उपाय देखे विदेश मंत्रालय : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा हि सऊदी अरब में मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक दफनाए गए हिंदू भारतीय व्यक्ति का परिवार उसके अवशेष वापस लाए जाने का अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकता और विदेश मंत्रालय से कहा कि वह उसके पास विदेशी सरजमीं पर उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपायों पर विचार करे।

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा हि सऊदी अरब में मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक दफनाए गए हिंदू भारतीय व्यक्ति का परिवार उसके अवशेष वापस लाए जाने का अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकता और विदेश मंत्रालय से कहा कि वह उसके पास विदेशी सरजमीं पर उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपायों पर विचार करे।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि सऊदी अरब के अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखने के साथ ही भारतीय वाणिज्य दूतावास को दूसरे तरीके भी खोजने चाहिए जिससे पीड़ित परिवार किसी दूसरे प्राधिकारी या विधिक उपाय तक पहुंच सके जो व्यक्ति के अवशेष को वापस लाने में ज्यादा कारगर साबित हो।

अदालत ने कहा, “परिवार इसके लिये अनंतकाल तक इंतजार नहीं कर सकता। आपको (विदेश मंत्रालय को) उनके पास उपलब्ध कोई दूसरा उपाय तलाशना होगा। उन पर कोई और ज्यादा दबाव वाला उपाय। यह कारगर नहीं है, ऐसा नहीं चलता रह सकता।”

अदालत एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें एक हिंदू व्यक्ति को मृत्यु प्रमाण-पत्र पर उसके धर्म के गलत अनुवाद की वजह से सऊदी अरब में मुस्लिम रस्मों के मुताबिक दफना दिया गया था। यह कथित तौर पर जेद्दाह में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों की गलती की वजह से हुआ।

मृतक की पत्नी अपने पति के अवशेष वापस भारत लाने के लिये जगह-जगह भटकी और फिर मार्च में उसने उच्च न्यायालय का रुख किया और विदेश मंत्रालय को यह निर्देश देने की मांग की कि वह अवशेष को कब्र से निकलवाकर समयबद्ध प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने के लिये कदम उठाए।

अदालत ने इससे पहले विदेश मंत्रालय से कहा था कि वह यहां सऊदी दूतावास के उप-प्रमुख से समन्वय कर अवशेष को कब्र से निकलवा कर वापस लाने की कोशिश करे।

अदालत ने सऊदी दूतावास के उप मिशन प्रमुख से भी अनुरोध किया था कि वह कोई समयसीमा हासिल करें जिसके तहत अवशेष को निकलवाकर भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिये अगली तारीख आठ अप्रैल को तय की है।

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