खाद्य निगम ने लॉकडाउन में समुद्री मार्ग से 8,250 टन पीडीएस अनाज अंडमान, लक्षद्वीप भेजा
एक बयान में कहा गया है कि लॉकडाउन के 27 दिनों के दौरान, मंगलौर बंदरगाह से लक्षद्वीप को 1,750 टन खाद्यान्न भेजा गया, जो कि 600 टन के सामान्य मासिक कोटा औसत से लगभग तीन गुना अधिक है।
नयी दिल्ली, 21 अप्रैल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने लॉकडाउन अवधि के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत जारी करने के लिये दौरान 8,250 टन खाद्यान्न अंडमान- निकोबार और लक्षद्वीप तक समुद्री मार्ग से पहुँचाया है। खाद्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक बयान में कहा गया है कि लॉकडाउन के 27 दिनों के दौरान, मंगलौर बंदरगाह से लक्षद्वीप को 1,750 टन खाद्यान्न भेजा गया, जो कि 600 टन के सामान्य मासिक कोटा औसत से लगभग तीन गुना अधिक है।
शेष 6,500 टन खाद्यान्न, काकीनाडा बंदरगाह से पोर्ट ब्लेयर तथा अंडमान स्थित विभिन्न द्वीपों के सार्वजनिक वितरण केन्द्रों को भेजा गया है। यह मात्रा 3,000 टन के सामान्य मासिक औसत से दोगुना है।
‘लॉकडाऊन’ 24 मार्च से लगाये जाने के बाद से एफसीआई ने दो लदान करने वाले जहाजों में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह को और सात छोटे जहाजों से लक्षद्वीप द्वीप समूह को भेजा है।
खाद्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘पहुंचने की कठिनाई और सीमित संपर्क मार्ग के कारण, इन द्वीप समूहों को खाद्यान्नों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में काफी दिक्कतें पेश आती हैं।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इन द्वीपों में पीडीएस अनाज पर लोगों की अत्यधिक निर्भरता को देखते हुए, यह सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि खाद्यान्न हर द्वीप में समय पर पहुंचें।’’
बयान के अनुसार, लगभग 1,100 टन खाद्यान्न पहले ही लक्षद्वीप में पीडीएस दुकानों के माध्यम से वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 5,500 टन लॉकडाउन के दौरान अंडमान और निकोबार में वितरित किए गए हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) और प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत ये खाद्यान्न वितरित किये जा रहे हैं।
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