जरुरी जानकारी | रिणपत्र म्यूचुअल फंड में जुलाई में 91,392 करोड़ रुपये का प्रवाह, अल्पावधि योजनाओं का आकर्षण
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सुनिश्चित आय वाली प्रतिभूतियों पर केन्द्रित म्यूचुअल फंड में जुलाई के दौरान निवेश कई गुणा बढ़कर 91,392 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस निवेश में अल्पावधि योजनाओं में निवेशकों का रुझान ज्यादा रहा।
नयी दिल्ली, 11 अगस्त सुनिश्चित आय वाली प्रतिभूतियों पर केन्द्रित म्यूचुअल फंड में जुलाई के दौरान निवेश कई गुणा बढ़कर 91,392 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस निवेश में अल्पावधि योजनाओं में निवेशकों का रुझान ज्यादा रहा।
एसोसियेसन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक रिण जोखिम वाले कोषों को छोड़कर अन्य सभी व्यक्तिगत श्रेणियां जो कि निर्धारित आय प्रतिभूतियों अथवा रिण पत्र कोषों में निवेश करती हैं उन सभी में प्रवाह बढ़ा है।
मौजूदा ब्याज दरों के परिदृश्य को ध्यान में रखते हुये निवेशकों का रुझान कम अवधि की सुनिश्चित आय वाली योजनाओं में निवेश की तरफ बढ़ा है।
इसके अलावा निवेशकों का ध्यान सुरक्षित में निवेश करने वाली म्युचूअल फंड योजनाओं की तरफ भी बढ़ा है। खासतौर से मुद्रा बाजार, अल्पावधि, कापोरेट बॉंड और बैंकिंग एवं सार्वजनिक उपक्रमों में निवेश करने वाली योजनाओं में आकर्षण देखा गया।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक तय आय वाली प्रतिभूतियों में निवेश करने वाली म्यूचुअल फंड योजनाओं में जुलाई माह के दौरान निवेश प्रवाह बढ़कर 91,392 करोड़ रुपये तक पहुंच गया जबकि जून माह में यह प्रवाह 2,862 करोड़ रुपये का रहा था। इससे पहले मई में इन योजनाओं में 63,665 करोड़ रुपये और अप्रैल में 43,431 करोड़ रुपये का निवेश प्रवाह हुआ था।
एमके वेल्थ मैंनेजमेंट के शोध प्रमुख जोसफ थॉमस ने कहा कि रिणपत्रों से जुड़े कोषों में निवेश प्रवाह बढ़ना स्वस्थ स्थिति को दर्शाता है। इसमें भी एक बड़ा हिस्सा अल्पावधि वाले कोषों की तरफ गया है। ‘यह साफ है कि निवेशक लंबी अवधि की योजनाओं में निवेश करने से बच रहे हैं शायद इसकी वजह यह है कि लंबे समय में उतार चढ़ाव आ सकता है। खासतौर से गिल्ट की प्राथमिक नीलामी में लंबी अवधि के पत्रों के जारी होने से इसमें घटबढ हो सकती है।’’
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