देश की खबरें | ओडिशा में बाढ़ की चेतावनी जारी, तीन जिलों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा सरकार ने शनिवार को बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले के अधिकारियों को ‘उच्च सतर्कता’ बरतने का निर्देश देते हुए कई नदियों में उफान के मद्देनजर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भुवनेश्वर/बालासोर, 26 जुलाई ओडिशा सरकार ने शनिवार को बालासोर, भद्रक और जाजपुर जिले के अधिकारियों को ‘उच्च सतर्कता’ बरतने का निर्देश देते हुए कई नदियों में उफान के मद्देनजर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आदेश दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
राज्य बाढ़ प्रकोष्ठ के अनुसार, जलाका और वैतरणी नदियां पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं जबकि बालासोर जिले में सुवर्णरेखा नदी भी खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि मयूरभंज और क्योंझर जिलों में भारी बारिश के कारण स्वर्णरेखा, जलाका और वैतरणी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि मयूरभंज जिले में पिछले 24 घंटों में 94 मिमी बारिश दर्ज की गई और इसमें भी जिले के 13 प्रखंडों में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
अधिकारी ने बताया कि जलाका और वैतरणी जल संग्रहण क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई, जिससे जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई। उन्होंने बताया कि बालासोर जिले के कई निचले इलाके पहले ही जलमग्न हो चुके हैं तथा रविवार को स्थिति और खराब हो सकती है।
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता चंद्रशेखर पाढ़ी ने कहा, ‘‘बालासोर जिले के बस्ता, भोगराई, जलेश्वर और बलियापाल प्रखंडों में रविवार को बाढ़ आने की आशंका है, क्योंकि सुवर्णरेखा नदी का जल स्तर खतरे के निशान 10.36 मीटर के मुकाबले 11 मीटर से ऊपर पहुंचने की आशंका है।’’
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बालासोर जिला प्रशासन ने बस्ता प्रखंड से कई लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है तथा प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई शुरू की है। उन्होंने कहा कि बस्ता क्षेत्र के लोगों से बाढ़ आने से पहले सुरक्षित स्थानों पर चले जाने का आग्रह किया गया है।
पाढ़ी ने बताया कि उत्तरी ओडिशा के जिले बालासोर, मयूरभंज, भद्रक और निकटवर्ती जाजपुर जिले पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं, लेकिन महानदी नदी प्रणाली में अब बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्रह्मणी नदी में कोई खतरनाक प्रवृत्ति नहीं दिख रही है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने मौसम पूर्वानुमान में बताया कि रविवार को बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, कटक, जगतसिंहपुर, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर और मयूरभंज जिलों के कुछ स्थानों पर 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवा के साथ आकाशीय बिजली गिरने के साथ तूफान आने की संभावना है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 26, 2025 07:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

