ताजा खबरें | बाढ़ प्रबंधन राज्य सूची का विषय, केंद्र तकनीकी एवं वित्तीय सहायता देता है : शेखावत
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि भूमि का कटाव सहित बाढ़ प्रबंधन संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सूची में आने वाले विषय हैं और ऐसे मामलों में केंद्र सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता बल्कि तकनीकी एवं वित्तीय प्रोत्साहन सहयोग तथा मार्गदर्शन प्रदान करके प्रदेशों के प्रयासों में सहायता करता है।
नयी दिल्ली, 21 जुलाई जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बृहस्पतिवार को कहा कि भूमि का कटाव सहित बाढ़ प्रबंधन संवैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सूची में आने वाले विषय हैं और ऐसे मामलों में केंद्र सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता बल्कि तकनीकी एवं वित्तीय प्रोत्साहन सहयोग तथा मार्गदर्शन प्रदान करके प्रदेशों के प्रयासों में सहायता करता है।
लोकसभा में वाईएसआर कांग्रेस की जी माधवी, भाजपा के निशिकांत दुबे एवं संजय जायसवाल तथा जदयू के सुनील कुमार पिंटू के पूरक प्रश्नों के उत्तर में जलशक्ति मंत्री शेखावत ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि भारी वर्षा और बाढ़ के कारण हुई क्षति संबंधी आंकड़े केंद्रीय जल आयोग द्वारा संबंधित राज्यों से पुष्टि प्राप्त होने के बाद संकलित किये जाते हैं।
मंत्री ने कहा कि इस संबंध में आपदा प्रबंधन की मूल जिम्मेदारी राज्य सरकार की है और केंद्र सरकार इस संबंध में राज्य सरकारों के प्रयासों में सहायता करती है और अपेक्षित साजो-सामान एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ सहित 12 अनुसूचित प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में राहत प्रदान करने के लिये राज्य आपदा मोचन निधि (एसडीआरएफ) राज्य सरकार के नियंत्रणाधीन है। शेखावत ने कहा कि गंभीर प्रकृति की आपदा के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (एनडीआरएफ) के अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
शेखावत ने कहा कि भारी बाढ़ के कारण उत्पन्न भूमि कटाव एक चिंता का विषय है क्योंकि इससे नदी के मार्ग में परिवर्तन, भूमि की क्षति जैसी अनेक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। भारत सरकार प्रभावी बाढ़ प्रबंधन एवं कटाव नियंत्रण में राज्यों को सहायता देने के सतत प्रयास कर रही है।
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि गंगा, शारदा, राप्ती, कोसी, बागमती, सुबनसारी, कृष्णा, महानदी और महानंदा जैसी प्रमुख नदियों के लिए विभिन्न आईआईटी आदि द्वारा आकृति विज्ञान अध्ययन किये गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन अध्ययनों में तट कटाव/तलछट आदि के लिये कमजोर स्थलों का पता लगाने में सहायता मिलती है।
दीपक
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