नयी दिल्ली, एक जून पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर और कर्नाटक ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिये घोषित 90 हजार करोड़ रुपये के पैकेज के तहत कर्ज लेने में दिलचस्पी दिखायी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 आर्थिक राहत पैकेज के तहत 13 मई को डिस्कॉम के लिये 90 हजार करोड़ रुपये की नकदी डालने की योजना की घोषणा की थी।
यह भी पढ़े | Mann Ki Baat Highlights: पीएम मोदी ने कहा, अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खुला, अब ज्यादा सावधानी की जरूरत.
13 मई तक डिस्कॉम के पास बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनकोज) का कुल 94 हजार करोड़ रुपये का बकाया था।
एक बयान में कहा गया कि रविन्द्र सिंह ढिल्लों ने पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) का पद संभालने के बाद कंपनी के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पहले से ही पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मणिपुर और कर्नाटक जैसे कुछ राज्यों ने इस (90,000 करोड़ रुपये की तरलता) पैकेज का लाभ उठाने के लिये दिलचस्पी दिखायी है’’
सरकारी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) पीएफसी और आरईसी को इस पैकेज के तहत प्रस्ताव मिलने के 45 दिन के भीतर ऋण मंजूर करने और 60 दिन के भीतर नकदी वितरित करने के लिये कहा गया है।
ढिल्लों के पास बिजली क्षेत्र में विभिन्न भूमिका में काम करने का 36 साल का अनुभव है। इसमें से 27 साल पीएफसी में, छह साल सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी में और तीन साल भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड में काम करने का अनुभव शामिल है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY