देश की खबरें | सामाजिक न्याय के सिद्धांत का पालन करने के लिए पांच गारंटी पेश की गईं: सिद्धरमैया
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बेंगलुरु, 15 अगस्त कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने धन संचय और उसके वितरण में सामाजिक न्याय के सिद्धांत का पालन करने के लिए पांच गारंटी योजनाएं शुरू कीं।
सिद्धरमैया ने सैम मानेकशॉ परेड ग्राउंड से 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक के लोगों ने महसूस किया कि विकास तभी संभव हो सकता है यदि समाज में शांति हो।
उन्होंने पांच गारंटी पेश करने का कारण बताते हुए कहा कि नव-उदारवाद के कारण अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होने लगी और आज भारत में 10 प्रतिशत लोगों के पास हमारे 70 प्रतिशत संसाधनों का नियंत्रण है।
उन्होंने कहा, ‘‘औपनिवेशिक काल में ब्रिटिश शासकों ने देश को लूटा लेकिन अब चंद पूंजीपतियों के पास संसाधन जमा होते जा रहे हैं। ऐसे में क्या विकास संभव हो सकेगा?’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम इसी बात को दिमाग में रखकर धन संचय और उसके वितरण में सामाजिक न्याय के सिद्धांत का पालन कर रहे हैं, इसलिए हमने पांच गारंटी पेश कीं।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को ऊपर उठाने के लिए पांच गारंटी तैयार करने का फैसला किया, जो यूनिवर्सल बेसिक इनकम (यूबीआई) पर आधारित है। इसके अलावा सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी, जाति-धर्म के आधार पर भेदभाव और भ्रष्टाचार को भी गंभीरता से लिया है।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘हमने इन योजनाओं को लागू करने का निर्णय पहली कैबिनेट बैठक में लिया और सरकार बनने के तीन सप्ताह के भीतर इन्हें पेश किया।’’
उन्होंने कहा कि ‘शक्ति’ योजना के तहत राज्य में प्रतिदिन 50 से 60 लाख महिला यात्री नि:शुल्क बस सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 38.54 करोड़ मुफ्त यात्राएं दर्ज की गई हैं।
सिद्धरमैया ने कहा कि घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली ‘गृह ज्योति’ योजना के तहत 1.49 करोड़ परिवारों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है और लोग एक अगस्त से इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य ने इसके कार्यान्वयन के लिए 13,910 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
मुख्यमंत्री ने अन्न भाग्य योजना के बारे में कहा कि सरकार ने भुखमरी मुक्त राज्य सुनिश्चित करने के लिए इस कार्यक्रम के तहत 10 किलोग्राम चावल उपलब्ध कराने का वादा किया था।
सिद्धरमैया ने कहा कि अतिरिक्त पांच किलोग्राम चावल उपलब्ध कराने में केंद्र के ‘‘सहयोग न करने’’ के कारण उनकी सरकार ने प्रत्येक लाभार्थी को हर महीने पांच किलोग्राम चावल के बजाय नकद भुगतान करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि अन्न भाग्य योजना के तहत 1.04 करोड़ परिवारों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
सिद्धरमैया ने परिवार की महिला मुखिया को प्रति माह 2,000 रुपये प्रदान करने का प्रावधान करने वाली ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के बारे में कहा कि महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण 27 अगस्त को शुरू होगा। उन्होंने कहा कि 1.08 करोड़ महिलाओं ने इस योजना के तहत अपना नामांकन कराया है।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए कहा कि देश को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए अपनी जान की परवाह न करने वाले हजारों लोगों के बलिदान के कारण ही देश की जनता आजादी का आनंद ले रही है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 15, 2023 12:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

