नयी दिल्ली, 31 मई दिल्ली के चिड़ियाघर में पिछले महीने एक मादा घड़ियाल की मौत के मामले में प्रशासन ने पांच कर्मचारियों को लापरवाही बरतने का दोषी पाया है। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया है।
घड़ियाल की 24 अप्रैल को मौत हुई थी और इसका शव तीन दिन बाद मिला था।
तीन सदस्यीय जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘‘विशेषज्ञों का मानना है कि शव तीन दिन पुराना था। ’’
जांच दल ने जू के पांच कर्मचारियों दीप कुमार, विनोद कुमार, राजबीर सिंह, मनोज कुमार और पशु चिकित्सा अधिकारी अभिजीत भावल को लापरवाही तथा काम में चूक का दोषी पाया।
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हेड कीपर राजबीर सिंह को गलती छिपाने के लिए रिकॉर्ड में छेड़छाड़ का भी दोषी पाया गया। उसने 24 एवं 25 अप्रैल के रिकॉर्ड में दर्ज किया था घड़ियाल समेत सभी जानवर अच्छी स्थिति में हैं जो कि तथ्यात्मक रूप से गलत था।
राजबीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है तथा अन्य के खिलाफ अभी कार्रवाई लंबित है।
दिल्ली के जू में 2018-19 में पशु मृत्यु दर 15.12 फीसदी थी जो देश के सभी प्रमुख चिड़ियाघरों में सर्वाधिक है। यहां से जिराफ, जेब्रा और चिंपांजी खत्म हो चुके हैं। वर्ष 2016 के बाद से यहां पशुओं की दस प्रजातियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं।
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