मुजफ्फरनगर, एक दिसंबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों के एक मामले में यहां की अदालत ने पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बाबू राम ने आरोपी विनोद, नरेश, आशीष, सुरेंद्र और सत्येंद्र को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ आरोप को साबित करने में असफल रहा।
उल्लेखनीय है कि बरी किए गए पांचों आरोपियों के खिलाफ बहावड़ी गांव के दंगा पीड़ित नानू ने जिले के फुगाना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
अपनी शिकायत में पांचों आरोपियों को नामजद करते हुए नानू ने आरोप लगाया था कि आठ नवंबर 2013 को आई दंगाइयों की भीड़ में ये आरोपी भी शामिल थे और उन्होंने उसके घर में आग लगाने से पहले कीमती सामान और नकदी लूट ली थी।
इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष टीम ने की थी और छह जून 2014 को आरोप पत्र दाखिल किया था।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में करीब 60 लोगों की मौत हुई थी और करीब 40 हजार लोगों को विस्थापित होना पड़ा था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY