पुलिस के अनुसार चोरी के आरोप में जेल भेजने के बाद एक युवक की हालत बिगड़ने पर मौत हो गई थी। इसके बाद शुक्रवार को पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद शव घर ले जाते समय पुलिस एवं लोगों के बीच झड़प हो गयी जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ एवं आगजनी भी की गई थी।
शनिवार सुबह मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक दिये जाने के बाद परिजनों द्वारा युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शुक्रवार रात्रि से आगरा परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार फिरोजाबाद में ही डेरा डाले हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक (नगर) सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कल हुए बवाल के मामले में 45 लोगों को नामजद एवं 50 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि इस उपद्रव में उप निरीक्षक देवेश कुमार सहित घायल पुलिसकर्मियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया है तथा इलाके में पुलिस बल की तैनाती के साथ स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
जिलाधिकारी रमेश रंजन द्वारा मृतक के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने शुक्रवार को बताया था कि 25 वर्षीय आकाश को 19 जून को चोरी की मोटरसाइकिल मिलने के बाद हिरासत में लिया गया था और बाद में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
उन्होंने बताया कि 20 जून की रात आकाश की हालत बिगड़ने पर उसे जिला जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 21 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस बीच युवक के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।
सं आनन्द
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