नयी दिल्ली, 12 अगस्त दिल्ली पुलिस ने आठ घर खरीददारों के समूह द्वारा आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) से की गई शिकायत के आधार पर एक रियल एस्टेट कारोबारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ताओं ने रियल एस्टेट कारोबारी पर फर्जीवाड़ा कर उनके पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने उनसे मनोरम दृश्य वाले फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन जब वे अपने अपार्टमेंट गए तो यह देखकर स्तब्ध रह गए कि सामने श्मशान भूमि है।
हालांकि, बिल्डर ‘पुरी कंस्ट्रक्शन’ ने इन आरोपों का खंडन किया है। उसने दावा किया है कि शिकायत गलत है और खरीददारों की इसके पीछे गुप्त मंशा है।
फ्लैट खरीददारों ने आरोप लगाया कि बिल्डर ने 2013 में गुरुग्राम के सेक्टर 104 में ‘एमरल्ड बे’ नाम की सोसायटी में लग्जरी फ्लैट बेचने का वादा कर धोखाधड़ी की। उनका दावा है कि परियोजना के तहत नौ बहुमंजिला इमारतें बनाई जानी थीं, जिनमें से प्रत्येक इमारत 30 मंजिल की होने वाली थी और उनमें जिम, टेनिस एवं बैटमिंटन कोर्ट, ध्यान कक्ष, स्विमिंग पुल, बहुउद्देशीय सभागार, स्केटिंग पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसी सात सितारा होटल जैसी सुविधाएं देने की बात की गई थी।
खरीददारों ने कहा कि बिल्डर ने लुभावने वादे कर जनवरी 2013 में बुकिंग राशि ली, लेकिन बाद में वे झूठे साबित हुए।
प्राथिमिकी में आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये खर्च करने और 10 साल बीतने के बावजूद इन फ्लैट में नहीं रहा जा सकता, क्योंकि ये मुश्किल स्थान पर हैं, जहां पेयजल, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं और निर्माण की गुणवत्ता भी खराब है।
पुरी कंस्ट्रक्शन के प्रवक्ता ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और 2018 में निवास प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। मौजूदा समय में 350 परिवार वहां रह रहे हैं।
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