देश की खबरें | ट्रस्ट का 7.7 करोड़ रुपये का मुआवजा गबन करने के मामले में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुणे शहर की पुलिस ने स्वयं को एक मुस्लिम धार्मिक न्यास का पदाधिकारी बताकर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ट्रस्ट की जमीन के अधिग्रहण के बदले दिये गए 7.76 करोड़ रुपये गबन करने के आरोप में दो लोगों को खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुणे, 14 अगस्त पुणे शहर की पुलिस ने स्वयं को एक मुस्लिम धार्मिक न्यास का पदाधिकारी बताकर महाराष्ट्र सरकार द्वारा ट्रस्ट की जमीन के अधिग्रहण के बदले दिये गए 7.76 करोड़ रुपये गबन करने के आरोप में दो लोगों को खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि क्षेत्रीय वक्फ अधिकारी खुसरो खान की शिकायत पर शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
शिकायत के अनुसार यरवडा इलाके के दो निवासियों ने स्वयं को (वक्फ बोर्ड के साथ पंजीकृत) तबूत इनाम बंदोबस्ती न्यास का क्रमश: अध्यक्ष और सचिव बताकर भूमि अधिग्रहण के बदले दिये जाने वाले मुआवजे पर दावा जताया।
बुंदगार्डन थाने के सब-इंस्पेक्टर तुकाराम फड ने बताया कि आरोपियों ने वक्फ बोर्ड की एनओसी सहित जाली दस्तावेज जमा किए और 7,76,98,250 रुपये के डिमांड ड्राफ्ट पर दावा किया, जो एक निजी खाते में जमा किया गया।
राज्य सरकार ने मुलशी में स्थित न्यासके स्वामित्व वाली भूमि का एक हिस्सा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी पार्क चतुर्थ चरण के लिए अधिग्रहित किया गया था।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब न्यास मुआवजा पाने में विफल रहा, तो उसने वक्फ बोर्ड से संपर्क किया, जिसके बाद हेराफेरी का पता चला।
इस बीच, राज्य के अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार वक्फ बोर्ड में पंजीकृत संस्थानों में इस तरह की धोखाधड़ी और कदाचार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
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