उत्तरकाशी/ऋषिकेश, 21 अगस्त उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम से गुजरात के श्रद्धालुओं को लेकर लौट रही बस के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण प्रथमद्रष्टया उसकी तेज गति थी, जिसके लिए चालक के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगनानी के पास रविवार शाम एक बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें सवार गुजरात के सात तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गयी थी जबकि 28 अन्य घायल हो गए थे। घायलों में बस का चालक और परिचालक दोनों शामिल हैं।
उत्तरकाशी के पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी ने बताया कि प्रथम दृष्टया चालक तेज गति से गाड़ी चला रहा था और इसी कारण यह हादसा हुआ।
उत्तरकाशी में पत्रकारों से बात करते हुए यदुवंशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तेज रफ्तार बस को गंगनानी के समीप संकरे मार्ग पर मोड़ने का चालक को बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाया और वह सीधे गहरी खाई में गिर गई।
उन्होंने कहा कि चालक के लापरवाही से तेज रफ्तार बस चलाने की यात्रियों ने भी मीडिया के सामने दिए बयानों में पुष्टि की है और 'तेज रफ्तार' को हादसे का कारण बताया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि देहरादून जिले के टिपरपुर सभावाला के रहने वाले चालक मुकेश कुमार के खिलाफ कोतवाली मनेरी में विभिन्न धाराओं में दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि चालक अभी चोटिल है और उसके ठीक होने का बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी के जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं जबकि पुलिस भी हादसे के कारणों का पता कर रही है।
यदुवंशी ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
उधर, हादसे में मारे गए भावनगर जिले के रहने वाले सातों मृतकों के शव सोमवार को ऋषिकेश के निकट जौलीग्रांट अस्पताल पहुंचा गए जहां उन्हें खराब होने से बचाने के लिए उन पर रसायनों का लेप लगाया गया ।
डोइवाला के उप जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि इनमें से 52 वर्षीय मीना उपाध्याय का अंतिम संस्कार मंगलवार को हरिद्वार में किया जाएगा जबकि शेष छह शवों को विमानों के जरिए यहां से दिल्ली ले लाया जाएगा।
उत्तरकाशी जिला अस्पताल से बेहतर उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में लाए गए बस दुर्घटना के 14 घायलों में से पांच की स्थिति गंभीर है। सभी घायलों का एम्स की ट्रॉमा इमरजेन्सी में उपचार जारी है।
एम्स ऋषिकेश के ट्रॉमा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मधुर उनियाल ने हालांकि कहा कि सभी गंभीर घायल वेंटिलेटर सपोर्ट पर नहीं हैं।
एम्स की कार्यकारी निदेशक मीनू सिंह ने घायलों का हाल-चाल जाना और उनके समुचित इलाज के संबंध में चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उत्तरकाशी जिले के प्रभारी और प्रदेश के वित्त मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल ने भी घायलों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना ।
हादसे का शिकार अधिकांश श्रद्धालु भावनगर जिले के रहने वाले थे जबकि अन्य सूरत जिले के निवासी थे।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY