देश की खबरें | विभिन्न संस्कृतियों एवं मान्यताओं वाले लोगों के बीच आपसी समझ बेहतर बनाने के तरीके खोजें : मुर्मू

भोपाल, तीन अगस्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को कहा कि तमाम चुनौतियों का सामना कर रही दुनिया में हमें विभिन्न संस्कृतियों एवं मान्यताओं के लोगों के बीच और अधिक समझ बनाने के लिए कारगर तरीके खोजने चाहिए।

राष्ट्रपति ने भोपाल में चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय साहित्य उत्सव ‘उन्मेष’ का उद्घाटन करने के बाद वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस साहित्य उत्सव के साथ ही मुर्मू ने संगीत नाटक अकादमी द्वारा लोक एवं जनजातीय प्रदर्शनकारी कलाओं के तीन दिवसीय राष्ट्रीय उत्सव ‘उत्कर्ष’ का भी उद्घाटन किया।

साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि साहित्यकार का सत्य इतिहासकारों के तथ्य से अधिक प्रामाणिक होता है। मानवता का वास्तविक इतिहास विश्व के महान साहित्य में ही मिलता है।

उन्होंने कहा कि साहित्य ने मानवता को आईना भी दिखाया है, बचाया भी है और आगे भी बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि साहित्य एवं कला ने संवेदनशीलता एवं करूणा को बनाये रखा है, यानी मनुष्य की मनुष्यता को बचाए रखा है।

समारोह को मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी संबोधित किया।

इससे पहले साहित्य अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने बताया कि उन्मेष’ भारत का सबसे समावेशी साहित्य उत्सव है और ओं की संख्या के प्रतिनिधित्व के मामले में यह एशिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव है और जल्दी ही दुनिया का सबसे बड़ा साहित्य उत्सव बनने की राह पर है।

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