जरुरी जानकारी | वित्त मंत्रालय ने 17 राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत उनकी केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी के अंतरण के बाद होने वाले राजस्व घाटे (पीडीआरडी) की भरपाई के लिये अनुदान दिया जाता है।
राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत उनकी केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी के अंतरण के बाद होने वाले राजस्व घाटे (पीडीआरडी) की भरपाई के लिये अनुदान दिया जाता है।
पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को मासिक किस्त के तौर पर अनुदान दिया जाता है, ताकि राज्यों को केन्द्रीय करों में उनकी हिस्सेदारी का अंतरण होने के बाद भी राजस्व खाते में अंतर को पाटा जा सके।
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि व्यय विभाग ने आय से अधिक खर्च होने पर होने वाले राजस्व घाटे (पीडीआरडी) की भरपाई करने के लिये नौ अगस्त, 2021 को राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये की पांचवीं किस्त जारी कर दी।
मंत्रालय के अनुसार इस किस्त के जारी होने के साथ चालू वित्त वर्ष में पीडीआरडी के तौर पर पात्र राज्यों को कुल 49,355 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके है।
पंद्रहवें वित्त आयोग ने पीडीआरडी अनुदान के लिये जिन राज्यों की सिफारिश की थी। इसमें आंध्रप्रदेश, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
15वें वित्तीय आयोग ने कर हिस्सेदारी वितरण के बाद होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई के लिये 17 राज्यों को 2021- 22 में कुल 1,18,452 करोड़ रुपये का अनुदान देने की सिफारिश की है। इसमें से अब तक 49,355 करोड़ रुपये (41.67 प्रतिशत) जारी किये जा चुके हैं।
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