देश की खबरें | सोनिया गांधी से समर्थन का आश्वासन मिलने के बाद राज्यसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी उतारा : जद(एस)

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीट के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में जद(एस) ने पूर्व सांसद डी कुपेंद्र रेड्डी को अपना प्रत्याशी बनाया है।

बेंगलुरु, 31 मई कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीट के लिए होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में जद(एस) ने पूर्व सांसद डी कुपेंद्र रेड्डी को अपना प्रत्याशी बनाया है।

इसके साथ ही पार्टी ने मंगलवार को दावा किया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी के अन्य नेताओं ने उसके उम्मीदवार का समर्थन करने पर सहमति जताई है।

जनता दल (सेक्युलर) के नेता और पूर्व मंत्री एचडी रेवन्ना ने कांग्रेस द्वारा ‘‘अचानक’’ दूसरा प्रत्याशी उतारे जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘‘सांप्रदायिक ताकतों को’’दौड़ से बाहर रखने के लिए कांग्रेस से समर्थन का अनुरोध किया।

रेवन्ना ने कहा, ‘‘सोनिया गांधी ने शुक्रवार को एचडी देवेगौड़ा (जद-एस सुप्रीमो) से बात की। उनकी सहमति के बाद आज हमने अपना प्रत्याशी उतारा है। इसी प्रकार (जद-एस नेता)एचडी कुमारस्वामी ने (कांग्रेस महासचिव) केसी वेणुगोपाल से बात की और बताया कि जद(एस) प्रत्याशी के जीतने के लिए कुछ मतों की कमी पड़ सकती है और उन्होंने पार्टी प्रत्याशी को समर्थन देने का उनसे अनुरोध किया। उनकी सहमति के बाद हमने अपना प्रत्याशी उतारा।’’

संवाददाताओं से यहां बातचीत करते हुए देवेगौड़ा के बड़े बेटे रेवन्ना ने कहा कि कुपेंद्र रेड्डी ने स्वयं कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष डीके शिवकुमार, राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य कांग्रेस नेताओं जैसे आरवी देशपांडे, बीके हरिप्रसाद और रामलिंगा रेड्डी से मुलाकात कर उनसे समर्थन मांगा।

जद(एस) नेता रेवन्ना ने कहा, ‘‘वह (कुपेंद्र रेड्डी) सिद्धरमैया से भी मिलना चाहते थे और उनसे समय मांगा था... लेकिन क्या हुआ पता नहीं। अचानक उन्होंने (कांग्रेस) जीत के लिए जरूरी मत नहीं होने के बावजूद दूसरा प्रत्याशी उतार दिया।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेताओं ने दूसरा प्रत्याशी उतारने की मंशा नहीं जताई थी।

उल्लेखनीय है कि 10 जून को कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान होगा और जीतने के लिए 45 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। विधानसभा में संख्याबल के हिसाब से भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट पर जीत दर्ज कर सकती है।

राज्यसभा की चौथी सीट के लिए किसी भी दल के पास विधानसभा में अपने दम पर पर्याप्त संख्याबल नहीं है। तीनों राजनीतिक दलों- भाजपा, कांग्रेस और जद(एस) ने प्रत्याशी उतारे हैं, जिसकी वजह से मतदान अनिवार्य हो गया है।

एक अप्रत्याशित कदम के तहत कांग्रेस ने सोमवार को पार्टी के राज्य महासचिव मंसूर अली खान को अपने दूसरे प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतारा। इसके बाद सोमवार रात को भाजपा ने निवर्तमान विधान पार्षद लहर सिंह सिरोया को अपना तीसरा प्रत्याशी घोषित किया।

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