जरुरी जानकारी | फिक्की ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने के लिए फेम-दो योजना को जारी रखने का सुझाव दिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. उद्योग मंडल फिक्की ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें एक सुझाव फेम-दो योजना को 2025 तक जारी रखने का है।

मुंबई, दो जुलाई उद्योग मंडल फिक्की ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए हैं। इनमें एक सुझाव फेम-दो योजना को 2025 तक जारी रखने का है।

फिक्की की ईवी समिति ने सरकार को इस बारे में अपनी सिफारिशें सौंपी हैं। उद्योग मंडल की ओर से बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा गया है कि लघु अवधि में इन वाहनों का आकर्षण बढ़ाने के लिए नीति निर्माताओं को तत्काल कदम उठाने चाहिए। इसके अलावा क्षेत्र में लगातार निवेश को प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदला गया यात्रा भत्ता से जुड़ा ये नियम, अब नहीं होना पड़ेगा परेशान.

फिक्की ने ये सिफारिशें नीति आयोग, भारी उद्योग मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और सरकार के अन्य संबद्ध अधिकारियों को सौंपी है।

उद्योग मंडल ने सरकार से आग्रह किया है कि वह तत्काल क्षेत्र के लिए कुछ कदम उठाए, जिससे यह पटरी से न उतर पाए। फिक्की ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने के लिए कदम उठाने की जरूरत है, जिससे भारत ईवी प्रौद्योगिकी और बिक्री में अग्रणी स्थान हासिल कर सके।

यह भी पढ़े | Siikkim Lottery Results Today: सिक्किम राज्य लॉटरी का 1 जुलाई का लकी ड्रा रिजल्ट जारी, ऑनलाइन अभी sikkimlotteries.com पर देखें.

बयान में कहा गया है कि कोविड-19 संकट की वजह से इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में मांग और निवेश बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में उद्योग मंडल ने सरकार को कई उपाय सुझाए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में वृद्धि की रूपरेखा को कायम रखा सकता है और सरकार ने अगले दशक में क्षेत्र के लिए जो लक्ष्य तय किया है उसे हासिल किया जा सकता है।

उद्योग मंडल ने इसके साथ ही इस प्रौद्योगिकी को लागू करने के प्रतिकूल प्रभाव को लेकर भी आशंका जताई है। फिक्की ने कहा कि वाहनों की मांग में कमी, नई प्रौद्योगिकी को लेकर ग्राहकों के जोखिम से बचने और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा से इसमें अड़चन आ सकती है।

उद्योग मंडल ने कहा कि आगे लोग साझा वाहनों के इस्तेमाल से बचेंगे, जिससे इलेक्ट्रिक तिपहिया की मांग घटेगी और स्थानीय कलपुर्जा विनिर्माता ईवी प्रौद्योगिकी में निवेश को टालेंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\