वहीं, 2021-22 के पहले चार माह के दौरान कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह बढ़कर 27.37 अरब डॉलर हो गया। एक साल पहले समान अवधि में यह 16.92 अरब डॉलर था।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पिछले साल की इसी अवधि के 9.61 अरब डॉलर की तुलना में वित्त वर्ष 2021-22 के पहले चार माह में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 112 प्रतिशत बढ़कर 20.42 अरब डालर पर पहुंच गया।’’
इस अवधि के दौरान 'ऑटोमोबाइल उद्योग' शीर्ष क्षेत्र के रूप में उभरा है। इसका कुल एफडीआई इक्विटी प्रवाह में योगदान 23 प्रतिशत रहा। इसके बाद कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर क्षेत्र का 18 प्रतिशत, सेवा क्षेत्र का 10 प्रतिशत स्थान रहा है।
एफडीआई इक्विटी प्रवाह में 45 प्रतिशत हिस्से के साथ कर्नाटक शीर्ष प्राप्तकर्ता राज्य रहा है, इसके बाद 23 प्रतिशत के साथ महाराष्ट्र और 12 प्रतिशत के साथ दिल्ली का स्थान रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि एफडीआई नीति सुधार, निवेश सुविधा और व्यापार करने में आसानी के मोर्चे पर सरकार द्वारा लिए गए कदमों से देश में एफडीआई प्रवाह में वृद्धि हुई है।
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