देश की खबरें | प्रधानमंत्री की गरिमा का सम्मान करेंगे किसान, लेकिन आत्म-सम्मान की भी रक्षा करेंगे: टिकैत बंधु

नयी दिल्ली, 31 जनवरी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे टिकैत भाइयों ने रविवार को कहा कि किसान प्रधानमंत्री की गरिमा का सम्मान करेंगे, लेकिन वे आत्म-सम्मान की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।

नरेश और राकेश टिकैत का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दिन पहले ही कहा था कि सरकार से किसानों की बातचीत में महज ‘‘एक फोन कॉल की दूरी’’ है।

टिकैत बंधुओं ने कहा कि वे ‘बीच का रास्ता’ निकालने के लिए सरकार के साथ बातचीत को तैयार हैं। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष और बड़े भाई नरेश टिकैत ने कहा कि बीच का रास्ता यह हो सकता है कि भाजपा सरकार अपने शासनकाल में तीनों कानूनों को लागू नहीं करे।

छोटे भाई और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि इस मुद्दे का एक ‘सम्मानपूर्ण समाधान’ निकाला जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे दबाव में किसी बात पर रजामंद नहीं होंगे।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में हुई हिंसा के कुछ दिन बाद शनिवार को कहा था कि प्रदर्शनकारी किसानों के लिए उनकी सरकार का प्रस्ताव अब भी बरकरार है और बातचीत में महज ‘‘एक फोन कॉल की दूरी’’ है।

राकेश टिकैत ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री की गरिमा का सम्मान करेंगे। किसान नहीं चाहते कि सरकार या संसद उनके आगे झुकें।’’

हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि किसानों के आत्म-सम्मान की रक्षा हो।’’

गणतंत्र दिवस पर अनेक प्रदर्शनकारी लाल किले के अंदर पहुंच गये थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अपने मासिक ‘मन की बात’ कार्यक्रम में लाल किले की घटना का जिक्र किया और कहा कि देश गणतंत्र दिवस पर तिरंगे के अपमान से दु:खी है।

टिकैत बंधुओं ने भी गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा की निंदा की और कहा कि यह अस्वीकार्य है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंसा एक षड्यंत्र का नतीजा थी।

उन्होंने कहा कि तिरंगा सबसे ऊपर है और वे कभी किसी को इसका अपमान नहीं करने देंगे।

दिल्ली पुलिस ने 26 जनवरी को हुई हिंसा के संबंध में करीब 40 मामले दर्ज किए हैं और 80 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को ‘‘हमारे लोगों को रिहा करना चाहिए और वार्ता के अनुकूल माहौल तैयार करना चाहिए।’’

नरेश टिकैत ने ‘पीटीआई ’ से कहा, ‘‘वार्ता जरूरी है। समाधान निकलना चाहिए। ये किसान दो महीने से अधिक वक्त से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग पूरी होनी चाहिए।’’

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