देश की खबरें | ‘किसान पुत्र’ धनखड़ होंगे देश के 14वें उपराष्ट्रपति

नयी दिल्ली, छह अगस्त पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश 14वें उपराष्ट्रपति और संसद के उच्च सदन राज्यसभा के नए सभापति हों। उन्होंने उपराष्ट्रपति चुनाव में शनिवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रत्याशी के तौर पर विपक्ष की साझा उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को पराजित किया।

एकतरफा मुकाबले में धनखड़ को कुल 528 मत मिले, जबकि अल्वा को सिर्फ 182 वोट से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में कुल 725 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 710 वोट वैध पाए गए, 15 मतपत्रों को अवैध पाया गया।

अब 71 वर्षीय धनखड़ देश के नए उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में एम वेंकैया नायडू की जगह लेंगे। वह भारत के 14वें उपराष्ट्रपति होंगे। नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को पूरा हो रहा है। धनखड़ 11 अगस्त को शपथ लेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, निवर्तमान उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य नेताओं ने धनखड़ को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

नतीजे घोषित होने से पहले ही संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास के बाहर जश्न शुरू हो गया था। यहीं पर धनखड़ मौजूद थे।

राजस्थान के झुंझुनू में भी जश्न मनाया गया, जो धनखड़ का गृहनगर है।

चुनाव परिणाम घोषित होने के तत्काल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धनखड़ से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी।

उपराष्ट्रपति चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत करीब 93 प्रतिशत सांसदों ने मतदान किया, जबकि 50 से अधिक सांसदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया।

मतदान करने के पात्र 780 सांसदों में से 725 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान सुबह 10 बजे शुरू हुआ था और शाम पांच बजे संपन्न हुआ।

संसद के दोनों सदनों को मिलाकर कुल सदस्यों की संख्या 788 होती है, जिनमें से उच्च सदन की आठ सीट फिलहाल रिक्त है। ऐसे में उपराष्ट्रपति चुनाव में 780 सांसद वोट डालने के लिए पात्र थे।

तृणमूल कांग्रेस अपनी पहले की घोषणा के मुताबिक इस चुनाव से दूर रही, हालांकि, उसके दो सांसदों शिशिर कुमार अधिकारी और दिव्येंदु अधिकारी ने मतदान किया। दोनों सदनों में तृणमूल कांग्रेस के कुल 36 सांसद हैं।

साल 2017 में नायडू के निर्वाचन के समय 98.2 प्रतिशत वोट डाले गए थे, जो इस बार के मुकाबले अधिक है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को जगदीप धनखड़ को देश का अगला उपराष्ट्रपति निर्वाचित होने पर बधाई दी और कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनके लंबे और समृद्ध अनुभव से देश लाभान्वित होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि धनखड़ की जीत पर बधाई दी और कहा कि भारत के लिए एक ‘‘किसान पुत्र’’ का उपराष्ट्रपति होना गर्व का क्षण है।

निवर्तमान उप राष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने धनखड़ को बधाई दी और कहा कि धनखड़ के अनुभव और कानून की विशेषज्ञता से देश को लाभ होगा।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मार्गरेट अल्वा ने धनखड़ को बधाई दी और साथ ही उन विपक्षी नेताओं और सांसदों का आभार प्रकट किया, जिन्होंने विपक्ष की साझा उम्मीदवार के तौर पर उनका समर्थन किया था।

राजनीतिक क्षितिज में पिछले कुछ वर्षों के दौरान धनखड़ के उदय ने बहुत सारे लोगों को आश्चर्य में डाला है।

कभी जनता दल के साथ रहे धनखड़ 2008 में भाजपा में शामिल हुए थे। वह अतीत में अधिवक्ता के तौर पर काम कर चुके हैं।

उन्होंने राजस्थान में जाट समुदाय को ओबीसी का दर्जा दिलाने की मांग और ओबीसी से जुड़े कई अन्य मुद्दों की जोरदार ढंग से पैरोकारी की।

धनखड़ की उम्मीदवारी की घोषणा करते समय भाजपा ने उन्हें ‘किसान पुत्र’ बताया था, जिसे किसानों और खासकर जाट समुदाय के बीच एक संदेश देने के प्रयास के तौर पर देखा गया, क्योंकि तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ हुए आंदोलन में इस समुदाय के लोगों ने अच्छीखासी भागीदारी की थी।

पश्चिम बंगाल के तीन वर्षों तक राज्यपाल के रहने के दौरान धनखड़ अक्सर सुर्खियों रहे। ममजा बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के साथ उनका कई मौकों पर सीधा टकराव हुआ और यही कारण रहा कि वह कई बार तृणमूल कांग्रेस के निशाने पर आए।

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