नयी दिल्ली, 12 सितंबर सरकार ने किसानों से आगामी रबी (सर्दियों की बुवाई) मौसम में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग 20 प्रतिशत तक कम करने को कहा है। इसके साथ सरकार ने चेताया है कि जो लोग अत्यधिक सब्सिडी वाले यूरिया के दुरुपयोग के दोषी पाए जायेंगे, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों में की गई पहल के बारे में बताने के लिए अक्टूबर मध्य में 'किसान समृद्धि महोत्सव' आयोजित करने की भी योजना बना रही है। 'कृषि रथ यात्राएं’ भी आयोजित की जाएंगी।
यहां 500 पीएमकेएसके (प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र) में 1,000 से अधिक किसानों को वर्चुअल तरीके से संबोधित करते हुए केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताई।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करना होगा। अब नैनो-तरल यूरिया, नैनो-तरल डीएपी, जैव-उर्वरक और पीओएम (फॉस्फेट रिच ऑर्गेनिक खाद) जैसे विकल्प उपलब्ध हैं। मैं किसानों से आगामी रबी बुवाई सत्र में 20 प्रतिशत रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने का आग्रह करता हूं। इसे वैकल्पिक फसल पोषक तत्वों से बदला जाना चाहिए।’’
मॉडविया ने पीएमकेएसके संचालकों, अन्य डीलरों और उर्वरक कंपनियों को अत्यधिक सब्सिडी वाले यूरिया को अन्य उद्योगों में स्थानांतरित करने के खिलाफ भी चेतावनी दी।
मंत्री ने कहा, ‘‘हमने उद्योगों को कृषि ग्रेड यूरिया के दुरुपयोग के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाई है। इसपर रोक लगाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई गई है।’’
मांडविया ने कहा कि दोषी पाए जाने पर निर्माताओं, खरीदारों और विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों ने पीटीआई- को बताया कि पिछले महीने, उर्वरक विभाग ने प्लाईवुड और अन्य उद्योगों को अत्यधिक सब्सिडी वाले यूरिया के स्थानांतरण पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसका उल्लंघन करने वालों को जेल भी जाना पड़ सकता है।
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