कुरुक्षेत्र (हरियाणा), सात जून सूरजमुखी के बीजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकार द्वारा खरीदे जाने की मांग कर रहे किसानों की ओर से बुधवार को राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी सहित नौ नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने कहा कि मंगलवार शाम को हिरासत में लिए जाने के बाद बीकेयू (चढूनी) के नौ नेताओं पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें उन्हें बुधवार अपराह्न एक अदालत में पेश किया गया।
शाहबाद के पुलिस उपाधीक्षक रणधीर सिंह ने कहा कि बाद में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार इन लोगों के खिलाफ दंगा करने, गैरकानूनी तरीके से एकत्रित होने तथा सरकारी अधिकारी को अपना कार्य करने से रोकने के लिए अपराधिक बल का इस्तेमाल करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत बुधवार अपराह्न शाहबाद पहुंचे और चेतावनी दी कि अगर प्रशासन चढूनी और अन्य को रिहा करने में विफल रहा, तो राष्ट्रीय राजमार्ग को फिर से अवरूद्ध कर दिया जाएगा।
राकेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि अब निरस्त किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी के लिए शुरू करना होगा।
टिकैत ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सूरजमुखी के बीज खरीदने की मांग को लेकर मंगलवार को कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में एक राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध करने वाले प्रदर्शनकारी किसानों पर हरियाणा पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा की।
उन्होंने कहा, “एमएसपी की मांग करने वालों पर देश में यह पहला लाठीचार्ज है”। उन्होंने कहा कि फसलों के लिए एमएसपी एक अखिल भारतीय मुद्दा है।
भाकियू के नेता ने कहा कि शाहाबाद में शुरू हुआ संघर्ष राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगा क्योंकि हर किसान विभिन्न फसलों के लिए एमएसपी को लेकर चिंतित है।
चढूनी के आह्वान पर किसानों ने मंगलवार को शाहबाद के पास दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब छह घंटे तक अवरुद्ध कर दिया था। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ी और लाठीचार्ज किया।
शाहबाद से विधायक और राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता रामकरण काला ने कहा कि अगर राज्य सरकार सात जून से एमएसपी पर सूरजमुखी के बीज खरीदने में विफल रही तो वह हरियाणा चीनी महासंघ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज की आलोचना की और साथ ही कहा कि किसानों के लंबित मुद्दों को शीघ्र हल करने की मांग को लेकर वह तीन बार मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर चुके हैं।
रामकरण काला ने कहा,‘‘ लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले के हल के लिए समिति बनाई गई है।’
बड़ी संख्या में किसानों ने मंगलवार दोपहर कुरुक्षेत्र के शाहबाद के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे भावांतर भरपाई योजना में सूरजमुखी के बीज को शामिल करने के सरकार के कदम के खिलाफ हैं। इसके तहत सरकार एमएसपी से नीचे बेची गई उपज के लिए 1,000 रुपये प्रति क्विंटल का निश्चित मुआवजा देगी।
प्रदर्शनकारी किसानों ने दावा किया कि सरकार एमएसपी पर सूरजमुखी बीज नहीं खरीद रही है, और इसके चलते उन्हें अपनी उपज निजी खरीदारों को 6,400 रुपये एमएसपी के मुकाबले लगभग 4,000 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
किसानों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने भी हरियाणा सरकार पर निशाना साधा है।
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