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Farmers Protest: राकेश टिकैत का बड़ा बयान, कहा- किसानों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है

एक सौ से ज्यादा खापों की महापंचायत में सामाजिक बुराइयां, कुरीतियां दूर करने पर जोर दिया गया है. इसे संबोधित करने वाले अधिकतर वक्ताओं ने सरकार द्वारा लड़कियों के विवाह की कानूनी उम्र 18 की बजाय 21 साल करने के कदम का विरोध किया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि विवाह माता-पिता की सहमति पर हों.

Farmers Protest: राकेश टिकैत का बड़ा बयान, कहा- किसानों का आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है
किसान नेता राकेश टिकैट (Photo Credits: ANI)

भिवानी: भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने रविवार को कहा कि किसान आंदोलन (Farmers Protest) अभी समाप्त नहीं हुआ है, 15 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे. टिकैत ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘‘सरकार का ध्यान किसानों की जमीन पर है इससे सचेत रहने की जरूरत है. सरकार का अगला वार उन भूमिहीन किसानों पर है जो पशु पालकर, दूध बेचकर गुजर-बसर करते हैं.’’ उन्होंने कहा कि हर वर्ष 26 जनवरी को किसानों का ‘ट्रैक्टर मार्च’ (Tractor March) निकाला जाएगा. Farmers Protest: किसानों ने शुरू की घर लौटने की तैयारी, सिंघु बॉर्डर से हटाये जा रहे है टेंट- आज हो सकता है आंदोलन खत्म करने का ऐलान

टिकैत ने चरखी दादरी में कहा कि खाप समाज का आईना हैं और इनका गौरवशाली इतिहास रहा है. उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने जब-जब कहा खापों ने मजबूती से साथ दिया. टिकैत निर्दलीय विधायक एवं फौगाट खाप 40 के प्रधान सोमवीर सांगवान द्वारा आयोजित सर्व खाप महापंचायत को संबोधित कर रहे थे.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सरकार की नीयत ठीक नहीं है. अभी पूरी तरह मुकदमे वापिस नहीं हुए हैं. 15 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे.’’

उन्होंने कहा कि आंदोलन की बदौलत ही जमीन और गांव को बचाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार हर विभाग का निजीकरण करके बेरोजगारों की फौज खड़ी कर रही है. उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा हर मुद्दे को लेकर गम्भीर है और अब पीछे हटने वाले नहीं हैं.

एक सौ से ज्यादा खापों की महापंचायत में सामाजिक बुराइयां, कुरीतियां दूर करने पर जोर दिया गया है. इसे संबोधित करने वाले अधिकतर वक्ताओं ने सरकार द्वारा लड़कियों के विवाह की कानूनी उम्र 18 की बजाय 21 साल करने के कदम का विरोध किया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि विवाह माता-पिता की सहमति पर हों.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 02, 2022 09:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).