ताजा खबरें | राज्यसभा में केरल के तीन सदस्यों को दी गई विदाई

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे तीन अलग-अलग दलों से ताल्लुक रखने वाले केरल के तीन सदस्यों वायलार रवि, के के रागेश और अब्दुल वहाब को बृहस्पतिवार को उच्च सदन में विदाई दी गई।

नयी दिल्ली, 25 मार्च राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे तीन अलग-अलग दलों से ताल्लुक रखने वाले केरल के तीन सदस्यों वायलार रवि, के के रागेश और अब्दुल वहाब को बृहस्पतिवार को उच्च सदन में विदाई दी गई।

सभापति एम वेंकैया नायडू ने सभी सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के योगदानों व जनहित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उनकी अच्छी सेहत व सुनहरे भविष्य की कामना की। तीनों सदस्यों का कार्यकाल 21 अप्रैल का समाप्त हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘ये सदस्य भले ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं अभी थके नहीं है। अपने योगदान से उन्होंने सदन में अमिट छाप छोड़ी है। सदन में उनके मूल्यवान योगदान और समाज सेवा की मै सराहना करता हूं। सदन में आपकी अनुपस्थिति खलेगी।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वायलार रवि चार बार उच्च सदन के सदस्य बने और केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। अब्दुल वहाब इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के सदस्य हैं और राज्यसभा में उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। के के रागेश मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य के रूप में उच्च सदन पहुंचे थे।

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीनों सदस्यों के योगदान की सराहना की और कहा कि उन्होंने प्रभावी तरीके से जनता, खासकर वंचित समाज के लोगों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाया।

उन्होंने कहा कि तीनों ही नेता अलग-अलग विचारधारा से संबंध रखते हैं लेकिन जनता की सेवा के लिए वे तत्पर रहे।

विदाई भाषण के दौरान वायलार रवि ने छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत करने के दिनों से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ काम करने के दौर का याद किया और कुछ पल के लिए भावुक भी हो गए।

दो बार लोकसभा का सदस्य, चार बार राज्यसभा का सदस्य और आठ सालों तक केंद्र में मंत्री बनने का मौका मिलने के लिए उन्होंने कांग्रेस पार्टी का साधुवाद किया।

वहाब ने कहा कि राज्यसभा में अपने दो कार्यकाल के दौरान उन्होंने तीन प्रधानमंत्रियों अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी का कार्यकाल देखने का मौका मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए सांसद आदर्श योजना के अधीन गांवों को गोद लेने का कार्यक्रम उन्हें बहुत पसंद आया और सेवानिवृत्त होने के बाद भी वह गोद लिए गांवों में विकास कार्यों का जारी रखेंगे।

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