मसूरी, 13 जनवरी भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में नव नियुक्त सहायक कमांडेंट के तौर पर जब शेरिल सिंह आईं तो उनके एक तरफ वायुसेना में बतौर अधिकारी कार्यरत उनके पति खड़े थे तो दूसरी तरफ सेना में मेजर के तौर पर तैनात उनके भाई थे। वह अपने दादा और पिता के बाद ‘खाकी’ पहनने वाली परिवार की तीसरी पीढ़ी में शुमार हैं।
वहीं एक अन्य नवनियुक्त अधिकारी ने अपने कंधों पर सितारे सजा अपने आईपीएस पत्नी को गौरवान्वित किया है।
भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा की निगरानी करने वाले आईटीबीपी के 45 प्रशिक्षु अधिकारियों की ‘पासिंग आउट परेड’ के बाद उत्तराखंड के मसूरी शहर में अधिकारियों की प्रशिक्षण अकादमी में बुधवार को आयोजित परंपरागत फोटो शूट के दौरान कुछ ऐसे ही नजारे देखने को मिले।
इन 45 में से 22 अधिकारी सामान्य ड्यूटी संवर्ग में सीधे प्रवेश पाने वाले अफसर हैं, जबकि शेष चिकित्सा, पशु चिकित्सा और न्यायिक संवर्ग के हैं, जिन्होंने सशस्त्र सीमा रक्षक बल में शामिल होने से पहले अनिवार्य युद्धक पाठ्यक्रम करने के बाद अपना प्रशिक्षण पूरा किया।
ये अधिकारी सहायक पुलिस अधीक्षक के पद के समकक्ष सहायक कमांडेंट (एसी) के रैंक में शामिल होंगे। आईटीबीपी में लगभग 90,000 कर्मी हैं।
नवनियुक्त एसी शेरिल सिंह के साथ उनके भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सेवारत पति, फ्लाइट लेफ्टिनेंट रॉबिन सिंह, और भाई मेजर मोहित दहिया उनके विशेष दिन को यादगार बनाने के लिए उपस्थित थे। मेजर दहिया सेना की पैरा स्पेशल फोर्स के एक कमांडो हैं।
तस्वीर खिंचवाने के लिए उनके पास खड़े नवनियुक्त सहायक कमांडेंट राकेश अरिगाला अपनी पत्नी के साथ थे। आरिगाला की पत्नी संध्या स्वामी पहले से ही एजीएमयूटी कैडर से भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में उनकी वरिष्ठ हैं।
अधिकारी हरजीत सिंह की खुशी का ठिकाना नहीं था क्योंकि उनके पिता सज्जन सिंह, आईटीबीपी में एक सेवारत उपनिरीक्षक और उनके नाना उपनिरीक्षक (आईटीबीपी से सेवानिवृत्त) मोहन सिंह इस खास मौके पर उन्हें वर्दी में देखने के लिये मौजूद थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईटीबीपी के महानिदेशक (डीजी) अनीश दयाल सिंह थे जो इस आयोजन के लिए दिल्ली से आए थे।
सहायक कमांडेंट के तौर पर अपने छोटे बेटे मिलन कुमार को पासिंग आउट परेड में बावर्दी देख उनकी मां वीना देवी की आंखें नम हो गईं। मिलन के बड़े भाई भी आईटीबीपी में ही बतौर डिप्टी कमांडेंट सेवारत हैं।
आईटीबीपी के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) बिशन राम की गर्वीली खुशी तब किसी से छिपी नहीं रही जब उनकी बेटी भागीरथी ने उन्हें चटक सैल्यूट पेश किया। भागीरथी पशु चिकित्सा संवर्ग में एक अधिकारी के रूप में बल में शामिल हुई हैं।
एक साल के कड़े व विविध प्रशिक्षण के बाद ये अधिकारी औपचारिक तौर पर बल में विभिन्न संवर्गों में तैनात किए जाएंगे।
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