देश की खबरें | झूठे मामले किसानों को कृषि कानूनों का विरोध करने से नहीं रोक सकते: टिकैत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को हरियाणा सरकार पर किसानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उन्हें केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करने से नहीं रोक पाएगा।

कुरुक्षेत्र, 12 अगस्त भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने बृहस्पतिवार को हरियाणा सरकार पर किसानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उन्हें केंद्र के कृषि कानूनों का विरोध करने से नहीं रोक पाएगा।

उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार को उनके शांतिपूर्ण आंदोलन में "हस्तक्षेप नहीं करने" की चेतावनी दी।

उन्होंने आरोप लगाया, "हरियाणा में सत्तारूढ़ सरकार आंदोलनकारी किसानों को गिरफ्तार करके और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने की कोशिश कर रही है।"

टिकैत ने संवाददाताओं से कहा कि यह उन्हें विरोध प्रदर्शन करने से नहीं रोक पाएगा और इन कानूनों के खिलाफ उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि कानून निरस्त नहीं हो जाते।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसान एकजुट हैं और केंद्र सरकार के साथ एक लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं, जो "कॉर्पोरेट समर्थक" है।

उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार किसी की भी सुनती नहीं है और जो कोई भी उनके अन्याय के खिलाफ बोलने की कोशिश करता है, उसे देशद्रोही करार दे दिया जाता है।"

एक अन्य सवाल के जवाब में टिकैत ने कहा कि किसान अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं और केंद्र को कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर करेंगे।

पंजाब और उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ किसी भी अभियान के बारे में पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में, टिकैत ने कहा कि किसान काफी परिपक्व हैं और सब कुछ जानते हैं।

उन्होंने कहा, "वे चुनाव के दौरान जवाब देंगे और उसी के अनुसार कार्रवाई करेंगे और एकजुट होकर काम करेंगे।"

टिकैत पांच सितंबर को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में होने वाली "किसान महापंचायत" में बड़ी संख्या में भाग लेने के लिए लोगों को आमंत्रित करने के मकसद से जाट धर्मशाला में किसानों की एक सभा को संबोधित करने हेतु यहां आए थे।

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