देश की खबरें | महाराष्ट्र सरकार को केन्द्रीय मदद पर फडणवीस का दावा निराधार है: मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने बुधवार को भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस दावे को खारिज किया कि केन्द्र ने कोविड-19 संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को वित्तीय मदद दी थी।

जियो

मुंबई, 27 मई महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने बुधवार को भाजपा नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस दावे को खारिज किया कि केन्द्र ने कोविड-19 संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार को वित्तीय मदद दी थी।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से 42 हजार करोड़ रुपये मिलने थे, लेकिन अब तक कोई धनराशि नहीं मिली है।

यह भी पढ़े | NASA's SpaceX Demo-2 Launch Countdown Live Streaming Online & Time in IST: जानिए कब और कैसे देखें नासा के स्पेस-एक्स की पहली लॉन्चिंग.

फडणवीस ने मंगलवार को कहा था कि केन्द्र सरकार कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार को 28,104 करोड़ रुपये पहले ही दे चुकी है।

महाराष्ट्र कोरोना वायरस से सबसे प्रभावित राज्य है जहां इस महामारी के मामलों की संख्या अब तक 54,758 है जबकि इससे 1,792 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह भी पढ़े | हिमाचल प्रदेश PPE किट घोटाला: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने अपने पद से दिया इस्तीफा, कहा- नौतिकता के आधार पर लिया फैसला.

मंत्रिमंडल के अपने सहयोगियों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के जयंत पाटिल और कांग्रेस के बालासाहेब थोराट के साथ पत्रकारों से बातचीत में परब ने ‘‘कोरोना वायरस संकट के दौरान राज्य की मदद नहीं करने के लिए’’ केन्द्र पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘महाराष्ट्र को दी गई धनराशि और मदद के बारे में फडणवीस द्वारा किये गये सभी दावे या तो गलत है या भ्रामक है।’’

फडणवीस ने कहा था कि महाराष्ट्र को केन्द्र 20 लाख करोड़ रुपये के ‘‘आत्मनिर्भर’’ आर्थिक पैकेज से 78 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं।

उन्होंने कहा था, ‘‘कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए केंद्र ने महाराष्ट्र को पहले ही 28,104 करोड़ रुपये दिए हैं। केंद्रीय पैकेज में राज्य का हिस्सा 1.65 लाख करोड़ रुपये है। सरकार को प्रभावित लोगों की मदद के लिए साहसिक कदम उठाने चाहिए।’’

शिवसेना नेता परब ने कहा , ‘‘प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए 122 करोड़ रुपये की धनराशि दिये जाने का दावा भी गलत है। प्रवासी श्रमिकों के लिए पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\