जरुरी जानकारी | भारत के अनुभव का इस्तेमाल अमेरिका में चुनावों में दुरुपयोग रोकने के लिए कर रहा है फेसबुक: जुकरबर्ग
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि सोशल मीडिया मंच द्वारा उठाए गए कदमों से भारत सहित दुनिया भर में 200 से अधिक विभिन्न चुनावों की सुचिता की रक्षा करने में मदद मिली है। साथ ही इसने अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान में फेसबुक के नेटवर्क के दुरुपयोग को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नयी दिल्ली, 30 अक्टूबर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि सोशल मीडिया मंच द्वारा उठाए गए कदमों से भारत सहित दुनिया भर में 200 से अधिक विभिन्न चुनावों की सुचिता की रक्षा करने में मदद मिली है। साथ ही इसने अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव अभियान में फेसबुक के नेटवर्क के दुरुपयोग को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जुकरबर्ग ने कहा कि अगले सप्ताह निश्चित रूप से फेसबुक के लिए ‘‘परीक्षा’’ होगी। उन्होंने कहा कि कंपनी ‘‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुचिता की रक्षा के लिए लड़ाई’’ जारी रखेगी।
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जुकरबर्ग ने कंपनी के वित्तीय परिणाम देते हुए उठाये गए कदमों को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘ये सभी परिवर्तन हैं जो हमने पिछले चार वर्षों में किए हैं और इससे हमें यूरोपीय संघ, भारत और इंडोनेशिया सहित दुनिया भर में 200 से अधिक चुनावों की सुचिता की रक्षा करने में मदद मिली है। ये अमेरिका में अगले सप्ताह के मतदान से पहले दुरुपयोग को रोकने के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी ने मतदाताओं पर दबाव जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है और इस संबंध में नागरिक अधिकार नेताओं सहित विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम किया है।
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उन्होंने कहा कि फेसबुक की सुरक्षा टीमें चार साल से हैकिंग जैसे पारंपरिक खतरों पर गौर कर रही थीं, लेकिन फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल करते हुए ‘समन्वित हस्तक्षेप अभियान’ जो सामने आया है यह कुछ नयी चीज थी, जिसके जरिये दुष्प्रचार और मनमुटाव फैलाने की कोशिश की गई।
जुकरबर्ग ने कहा, ‘‘उसके बाद से हमने इन खतरों का पता लगाने और उसे दूर करने के लिए दुनिया में सबसे उन्नत प्रणाली का निर्माण किया है और यह संख्या में दिखता है। इसके बाद के वर्षों में, हमने रूस, ईरान और चीन सहित 100 से अधिक नेटवर्क लिये हैं और हम हर दिन लाखों संभावित अभद्र अकाउंट को ब्लाक करते हैं।’’
जुकरबर्ग ने बताया कि कंपनी ने विज्ञापनों को पारदर्शी बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं और जो कोई भी राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे का विज्ञापन चलाना चाहता है, तो उसे पहले इसकी अनुज्ञा प्रक्रिया से गुजरना होगा।
मार्च और सितंबर के बीच, कंपनी ने अनुज्ञा प्रक्रिया से गुजरे बिना अमेरिका को लक्षित करने की कोशिश करने वाले विज्ञापनों को 22 लाख बार खारिज किया। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों के विज्ञापनों के लिए फ़ेसबुक उपयोगकर्ताओं को यह देखने की अनुमति देता है कि विज्ञापन के लिए भुगतान किसने किया है और विज्ञापन किन दर्शकों तक पहुंचा, जिससे मंच पर राजनीतिक विज्ञापन अधिक पारदर्शी हो सकें।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नीतियां कब और कैसे मतदान करना है, इससे संबंधित गलत जानकारी को रोकती हैं। हमने हाल ही में इन नीतियों का विस्तार किया है जिससे गलत दावों को भी रोका जा सके, जैसे यह दावा कि व्यक्तिगत रूप से मतदान करने से आपको कोविड-19 हो सकता है।’’
उन्होंने कहा कि मार्च से अक्टूबर के मध्य तक फेसबुक ने इन नियमों को तोड़ने के लिए अमेरिका में 1,35,000 से अधिक सामग्री हटा दी।
जुकरबर्ग ने कहा, ‘‘चुनाव की सुचिता सुनिश्चित करना एक सतत चुनौती है और रहेगी... मुझे यह भी पता है कि हमारा काम तीन नवंबर के बाद बंद नहीं होगा। इसलिए, हम नए खतरों का अनुमान लगाते हुए अपने दृष्टिकोण को विकसित करते रहेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुचिता और दुनियाभर में लोगों को उनकी आवाज सुनने के अधिकार की रक्षा के लिए लड़ेंगे।’’
फेसबुक की कुल आय सितंबर तिमाही में 22 प्रतिशत बढ़कर 21.4 बिलियन अमरीकी डालर रही। वहीं उसकी शुद्ध आय (लाभ) 7.8 अरब अमरीकी डालर रही।
फेसबुक के दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता आधार औसतन 1.82 अरब रहा, जबकि 30 सितंबर, 2020 तक की स्थिति के अनुसार उसका मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं का आधार 2.74 अरब था।
जुकरबर्ग ने फेसबुक के ऐप (व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम) के बीच अंतर्परिचालनात्मकता (इंटरऑपरेबिलिटी) के बारे में भी बात की जो उपयोगकर्ताओं को ऐप्स के बीच संदेश भेजने की अनुमति देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मैसेंजर और इंस्टाग्राम मैसेजिंग के बीच अंतर्परिचालनात्मकता शुरू की और यह सुविधा अब अमेरिका सहित दुनिया भर के बहुत से देशों में है।’’
उन्होंने कहा कि भारत, चीन, ब्राजील या यूरोप के देशों में जो अनुभव होगा, उसकी तुलना में अमेरिका में संदेश भेजने का अनुभव बहुत ही अलग है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य लोगों को यह सुविधा देना है कि वे हमारे किसी एक ऐप को चुन सकें जिसे वे मैसेजिंग के लिए सबसे अधिक उपयोग करना पसंद करते हैं और उन सभी लोगों तक पहुंच सकते हैं जो हमारे अलग-अलग ऐप में से जिस भी ऐप का उपयोग करते हैं।’’
भारत में फेसबुक के 30 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जबकि इसी समूह की कंपनी व्हाट्सएप के देश में 40 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं।
इस साल की शुरुआत में, फेसबुक ने मुकेश अंबानी की अगुवाई वाले जियो प्लेटफॉर्म में 43,574 करोड़ रुपये में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने का सौदा किया था। कंपनियां जियोमार्ट के माध्यम से स्थानीय पड़ोस के किराना स्टोर से सामान पहुंचाने के लिए भी व्हाट्सएप का लाभ उठा रही हैं।
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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2020 06:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

