चरमपंथी समूह कोविड-19 का इस्तेमाल युवाओं की भर्ती के लिए कर रहे हैं: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि हर साल 1.2 करोड़ लड़कियां कम उम्र में ही मां बन जाती हैं।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि कोरोना वायरस महामारी से पहले भी हर पांच युवाओं में से एक को शिक्षा, प्रशिक्षण या काम नहीं मिल रहा था और हर चार लोगों में से एक हिंसा या संघर्ष से प्रभावित था।
उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि हर साल 1.2 करोड़ लड़कियां कम उम्र में ही मां बन जाती हैं।
गुतारेस ने युवा, शांति और सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि ‘‘स्पष्ट रूप से, आज सत्ता में बैठे लोग उन लोगों की समस्याओं को हल करने में विफल रहे हैं, राजनीतिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों का मनोबल गिरा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब इस तरह की प्रवृत्ति मजबूत हो जाती है, तो चरमपंथी समूहों के लिए इस गुस्से और निराशा का फायदा उठाना बहुत आसान हो जाता है और कट्टरता का खतरा बढ़ जाता है।’’
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, युवा लोग अभी भी काम करने, एक-दूसरे का समर्थन करने और परिवर्तन लाने के तरीके ढूंढ रहे हैं, जिसमें कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई भी शामिल है।
गुतारेस ने कहा कि कोलंबिया, घाना, इराक और कई अन्य देशों में युवा लोग अग्रिम मोर्चे पर डटे स्वास्थ्य कर्मियों और जरुरतमंद लोगों की सेवा में लगे कर्मियों की मदद कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि युवा दुनिया में सभी संघर्षरत देशों में संघर्ष विराम लगाने के लिए 23 मार्च को उनके द्वारा किए गए आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 10:19 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

