चरमपंथी समूह युवाओं की ऑनलाइन भर्ती के लिए लॉकडाउन का फायदा उठा रहे हैं: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख
उन्होंने यह कहा कि दुनिया इस अभूतपूर्व वैश्विक स्वास्थ्य संकट के कारण एक पीढ़ी का भटकना बर्दाश्त नहीं कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र, 28 अप्रैल संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने सोमवार को पूरी दुनिया को सावधान किया कि चरमपंथी समूह कोविड-19 के कारण लागू लॉकडाउन का फायदा उठा रहे हैं और संकट के इस समय में उन्होंने युवाओं के गुस्से और निराशा का फायदा उठाकर उन्हें ऑनलाइन भर्ती करने के लिए सोशल मीडिया पर अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
उन्होंने यह कहा कि दुनिया इस अभूतपूर्व वैश्विक स्वास्थ्य संकट के कारण एक पीढ़ी का भटकना बर्दाश्त नहीं कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव गुतारेस ने युवा, शांति और सुरक्षा पर ऐतिहासिक प्रस्ताव को अपनाने के पांच साल बाद, समीक्षा के लिए सोमवार को वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए बुलाई गई बैठक के दौरान यह टिप्पणी की।
गुतारेत ने कहा, ‘‘हम देख सकते हैं कि ऐसे समूह कोविड-19 लॉकडाउन (बंद) का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए नफरत फैलाने और उन युवाओं की भर्ती करने के अपने प्रयास तेज कर दिए हैं, जो अपना ज्यादातर समय अब घर पर तथा ऑनलाइन बिता रहे हैं ।
गुतारेस ने सुरक्षा परिषद से कहा कि इस संकट के पहले से ही युवा ढेरों चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हर पांच में से एक युवा को पहले से ही शिक्षा, प्रशिक्षण या रोजगार नहीं मिलता है और हर चार नौजवानों में से एक हिंसा या संघर्ष से प्रभावित है। हर साल 1.2 करोड़ नाबालिग लड़कियां मां बन जाती हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग इस निराशा को स्पष्ट रूप से हल करने में नाकाम रहे हैं। इसने राजनीतिक प्रतिष्ठानों और संस्थानों में विश्वास की कमी को बढ़ाया है। ऐसे में चरमपंथी समूहों के लिए रोष और मायूसी का फायदा उठाना आसान हो जाता है और इससे युवाओं के कट्टरपंथ की ओर बढ़ने का खतरा बढ़ता है।
‘युवा, शांति और सुरक्षा’ के मुद्दे पर कदम उठाने का आह्वान करते हुए गुतारेस ने कहा कि दुनिया युवाओं की एक पीढ़ी का भटकना बर्दाश्त नहीं कर सकती है, उनकी जिंदगियां कोविड-19 से प्रभावित हुई हैं और भागीदारी की कमी की वजह से उनकी आवाजें दबाई गई हैं। महामारी से निपटने के दौरान उनकी प्रतिभा को बाहर निकालने के लिए अधिक प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि 1.54 अरब से ज्यादा बच्चे और युवा कोविड-19 संकट से प्रभावित हुए हैं और देशों को संकट से निपटने के लिए युवाओं की प्रतिभा का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि तमाम बाधाओं के बावजूद दुनिया भर में युवा कोरोना वायरस महामारी से निपटने की साझी लड़ाई में शामिल हुए हैं और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों और जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि लेकिन इन चुनौतियों के बावजूद, युवा लोग अभी भी काम करने, एक-दूसरे का समर्थन करने और परिवर्तन लाने के तरीके ढूंढ रहे हैं।
गुतारेस ने परिषद के सदस्यों से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और युवा लोगों के सामने आने वाली विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए और अधिक प्रयास करने का आग्रह किया।
कृष्ण
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 28, 2020 11:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

