जरुरी जानकारी | देश से खाद्यतेलों का निर्यात वर्ष 2019-20 में 54 प्रतिशत बढ़कर 80,765 टन पर पहुंचा: एसईए

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश से खाद्य तेलों का निर्यात वित्त वर्ष 2019-20 में 54 प्रतिशत बढ़कर 80,765 टन तक पहुंच गया। इस वृद्धि का कारण विशेषकर चीन को मूंगफली तेल के निर्यात में भारी वृद्धि का होना था। तेल उद्योगों के प्रमुख संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 16 जुलाई देश से खाद्य तेलों का निर्यात वित्त वर्ष 2019-20 में 54 प्रतिशत बढ़कर 80,765 टन तक पहुंच गया। इस वृद्धि का कारण विशेषकर चीन को मूंगफली तेल के निर्यात में भारी वृद्धि का होना था। तेल उद्योगों के प्रमुख संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

मूल्य के संदर्भ में, खाद्य तेल का लदान 52.36 प्रतिशत बढ़कर 955.51 करोड़ रुपये का हो गया, जबकि वर्ष 2018-19 में यह निर्यात 52,490 टन का हुआ था जिसका मूल्य 627.11 करोड़ रुपये रहा था।

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देश विदेशों में बसे भारतीयों की मांग को पूरा करने के लिए कम मात्रा में खाद्य तेलों का निर्यात करता है। अन्यथा, कच्चे तेल और सोने के बाद भारत में तीसरे नंबर पर सबसे अधिक आयात खाद्य तेलों का होता है।

एसईए के अनुसार, देश ने वर्ष 2019-20 के दौरान 955.51 करोड़ रुपये मूल्य के 80,765 टन विभिन्न खाद्य तेलों का निर्यात किया, जबकि पिछले वर्ष 2018-19 के दौरान 52,490 टन खाद्य तेलों का निर्यात किया गया था जिसका मूल्य 627.11 करोड़ रुपये था।

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कुल निर्यात में मूंगफली तेल का निर्यात पिछले वर्ष के 15,532 टन से बढ़कर वर्ष 2019-20 में 38,225 टन हो गया है। यह मुख्य रूप से चीन को निर्यात किया गया जिसकी मात्रा 33,505 टन थी।

उक्त अवधि के दौरान सोयाबीन तेल का निर्यात पिछले साल के 4,245 टन से बढ़कर 9,822 टन हो गया, जबकि नारियल तेल का निर्यात पहले के 6,814 टन से बढ़कर 7,870 टन तथा तिल तेल का निर्यात पहले के 4,984 टन से बढ़कर 5,618 टन हो गया।

सोयाबीन तेल मुख्य रूप से भूटान (5,708 टन), संयुक्त राज्य अमेरिका (1,140 टन) और कनाडा (2,193 टन) को निर्यात किया गया।

हालांकि, सरसों तेल का निर्यात पिछले वर्ष के 3,917 टन से मामूली रूप से घटकर वर्ष 2019-20 में 3,881 टन रह गया। बिनौला तेल का निर्यात भी पिछले साल के 512.27 टन से घटकर 478.25 टन और उक्त अवधि में मक्का तेल का निर्यात पहले के 5.79 टन से घटकर 0.19 टन रह गया।

सरसों का तेल मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात या यूएई (963 टन) और अमेरिका (445 टन) को निर्यात किया गया।

सितंबर 2015 से थोक में धान भूसी तेल (राइस ब्रान ऑयल) के निर्यात की अनुमति दी गई थी, जिसने इसके निर्यात को बढ़ाया और 12,520 टन (महुआ और मैंगो कर्नेल तेल की बहुत कम मात्रा सहित) का निर्यात होने की रिपोर्ट है, जिसका मूल्य 126.72 करोड़ रुपये था। धान की भूसी का तेल मुख्य रूप से अमेरिका, जापान, मलेशिया और थाईलैंड को निर्यात किया जाता है।

इसमें कहा गया है कि खाद्य तेलों का निर्यात थोक में स्वतंत्र रूप से करने योग्य है, जबकि सरसों तेल को पांच किलो तक के उपभोक्ता पैक में निर्यात करने की अनुमति है।

राजेश

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