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जरुरी जानकारी | निर्यात मांग में तेजी से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. त्योहारी मांग के साथ-साथ मूंगफली दाना और मूंगफली तेल की भारी निर्यात मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

जरुरी जानकारी | निर्यात मांग में तेजी से तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर त्योहारी मांग के साथ-साथ मूंगफली दाना और मूंगफली तेल की भारी निर्यात मांग के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को लगभग सभी तेल-तिलहन कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

बाजार सूत्रों ने कहा कि चीन में बाढ़ के कारण पर्याप्त मात्रा में मूंगफली फसल के खराब होने से वहां भारत से आयात की मांग है। चीन से आयात की मांग और देश में त्योहारी मौसम की मांग से मूंगफली दाना के साथ-साथ मूंगफली तेलों की कीमतों में पर्याप्त सुधार आया। मूंगफली दाना में जहां 100 रुपये प्रति क्विन्टल का सुधार आया वहीं मूंगफली गुजरात में 350 रुपये क्विन्टल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड में 50 रुपये प्रति टिन का सुधार दर्ज किया गया।

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सूत्रों ने कहा कि हरियाणा में सरसों की बिक्री के लिए सहकारी संस्था हाफेड को पहले से पर्याप्त अधिक यानी 5,550 रुपये प्रति क्विन्टल की बोली प्राप्त हुई है जिसकी वजह से सरसों दाना और सरसों तेल कीमतों में सुधार दिखा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सोमवार को मलेशिया एक्सचेंज में चार प्रतिशत जबकि शिकागो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी आई। उन्होंने कहा कि हल्के तेलों में सबसे सस्ता होने के अलावा सोयाबीन डीगम की ‘ब्लेंडिंग’ के लिए भी भारी मांग है। वैश्विक स्तर पर हल्के तेलों की मांग बढ़ने और देश के त्योहारी मांग के कारण यहां सोयाबीन तेल की कीमतों में सुधार आया।

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उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट इस बात की ओर साफ इशारा कर रहा है कि तिलहन उत्पादन के संदर्भ में हमें आयात पर निर्भरता रखने के बजाय आत्मनिर्भरता हासिल करने की ओर बढ़ना होगा। सरकार को तिलहनों का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ इसकी खपत बढ़ाने के इंतजाम भी करने होंगे क्योंकि सस्ते आयात के कारण ये बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाते। उन्होंने कहा कि देशी तेल तिलहनों का उत्पादन के साथ-साथ बाजार बढ़ाने का इंतजाम करने से रोजगार बढ़ेगा, भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा की बचत होगी और आयात पर निर्भरता घटने के साथ हमारे किसानों व तेल उद्योग को भी फायदा होगा।

तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 6,000 - 6,050 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,575- 5,625 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,100 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,170 - 2,230 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 12,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,830 - 1,980 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,950 - 2,060 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,700 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,350 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 9,500 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,220 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,400 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,700 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,800 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,350 - 4,375 लूज में 4,220 -- 4,250 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 26, 2020 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).